अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (एएमयू) के कृषि विज्ञान संकाय में भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR), नई दिल्ली द्वारा वित्तपोषित नोडल सेल का भव्य उद्घाटन किया गया। यह उद्घाटन समारोह विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. नायमा खातून की उपस्थिति में संपन्न हुआ, जिसमें शिक्षकों, गैर-शिक्षण कर्मचारियों और स्नातक, स्नातकोत्तर तथा पीएचडी के विद्यार्थियों ने भाग लिया।
कार्यक्रम की शुरुआत प्रो. नायमा खातून द्वारा रिबन काटकर की गई। इस अवसर पर संकाय के सभी विभागों के अध्यक्षगण और कृषि शिक्षा केंद्र (CAE) के समन्वयक भी उपस्थित रहे।
“लैब से ज़मीन” तक की अवधारणा पर ज़ोर
उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए कुलपति प्रो. नायमा खातून ने संकाय द्वारा हाल के वर्षों में हासिल की गई प्रगति की सराहना की और कहा कि राष्ट्रीय खाद्य और पोषण सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए कृषि अनुसंधान और विस्तार सेवाएं बेहद आवश्यक हैं। उन्होंने “लैब से भूमि तक” की अवधारणा को कार्यान्वित करने की आवश्यकता पर बल दिया और यह भी घोषणा की कि कृषि संकाय में नए शिक्षण पदों को स्वीकृति दी गई है। इससे शिक्षा और अनुसंधान की गुणवत्ता को उल्लेखनीय बढ़ावा मिलेगा।
कृषि संकाय की प्रगति की झलक
संकायाध्यक्ष प्रो. अक़राम ए. ख़ान ने कुलपति का स्वागत करते हुए उनके निरंतर समर्थन और मार्गदर्शन के लिए आभार प्रकट किया। उन्होंने बताया कि संकाय ने अपनी स्थापना के बाद से मात्र चार विभागों से शुरुआत की थी, लेकिन आज यह 17 शैक्षणिक कार्यक्रम संचालित कर रहा है, जिनमें बीएससी (ऑनर्स) कृषि भी शामिल है। उन्होंने कहा कि नोडल सेल की स्थापना न केवल वैज्ञानिक शोध को सुदृढ़ बनाएगी, बल्कि प्रयोगशाला में विकसित तकनीकों को किसानों तक पहुंचाने में भी महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
प्रो. खान ने इसे भारत की खाद्य सुरक्षा और टिकाऊ कृषि प्रणाली की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया।
भविष्य की दिशा में कदम
समारोह का संचालन गृह विज्ञान विभाग की सहायक प्राध्यापक डॉ. मरियम फातिमा ने किया, जबकि प्रो. मुजीबुर रहमान खान ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया। उन्होंने कुलपति की दूरदर्शी सोच और कृषि विज्ञान के क्षेत्र में उनके प्रतिबद्ध प्रयासों की सराहना की।
इस अवसर पर सभी वक्ताओं ने इस बात पर जोर दिया कि कृषि शिक्षा, अनुसंधान और नवाचार को ग्रामीण भारत के विकास से जोड़ने की आवश्यकता है, और इस नोडल सेल की स्थापना उसी दिशा में एक निर्णायक पहल है।
यह नोडल सेल आने वाले समय में कृषि अनुसंधान, तकनीकी नवाचार और छात्रों के व्यावसायिक विकास के लिए एक महत्वपूर्ण केंद्र के रूप में कार्य करेगा। एएमयू का यह कदम “विकसित भारत” की परिकल्पना को साकार करने की दिशा में एक प्रेरणादायक उदाहरण बनेगा।

