केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने उत्तर प्रदेश के बरेली में स्थित आईसीएआर – केंद्रीय पक्षी अनुसंधान संस्थान (CARI) का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने संस्थान की वर्तमान अनुसंधान गतिविधियों, उपलब्धियों और भविष्य की योजनाओं की गहन समीक्षा की।
अपने दौरे के दौरान केंद्रीय कृषि मंत्री ने संस्थान के वैज्ञानिकों और अधिकारियों के साथ विस्तृत चर्चा की और पोल्ट्री सेक्टर में हो रहे तकनीकी नवाचारों तथा अनुसंधान कार्यों की जानकारी प्राप्त की। उन्होंने वैज्ञानिकों से यह भी जाना कि किस तरह इन अनुसंधानों को जमीन पर किसानों और पोल्ट्री पालकों तक पहुंचाया जा रहा है, जिससे ग्रामीण आजीविका को सशक्त किया जा सके।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि पोल्ट्री उद्योग देश में रोजगार, पोषण और आय बढ़ाने का एक सशक्त माध्यम बनकर उभरा है, और ऐसे में CARI जैसे संस्थानों की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण हो जाती है। उन्होंने जोर दिया कि संस्थान को ऐसी तकनीकों का विकास करना चाहिए, जो कम लागत में अधिक उत्पादन सुनिश्चित कर सकें, साथ ही छोटे और सीमांत पशुपालकों को इसका सीधा लाभ मिल सके।
इस अवसर पर केंद्रीय कृषि मंत्री ने पोल्ट्री क्षेत्र में नवाचार, जैव सुरक्षा, रोग नियंत्रण और बेहतर नस्लों के विकास जैसे विषयों पर भी अधिकारियों के साथ चर्चा की। उन्होंने कहा कि अनुसंधान का लाभ सीधा ग्रामीण क्षेत्रों तक पहुंचे, इसके लिए नीति और तकनीक दोनों को साथ मिलकर आगे बढ़ाना होगा।
दौरे के अंत में केंद्रीय मंत्री ने संस्थान द्वारा प्रदर्शित नवाचारों की सराहना करते हुए कहा कि CARI को वैश्विक स्तर पर पोल्ट्री अनुसंधान का प्रमुख केंद्र बनाने की दिशा में सभी प्रयास किए जाएंगे। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे किसानों और पोल्ट्री पालकों के प्रशिक्षण कार्यक्रमों को और व्यापक बनाएं, ताकि वैज्ञानिक तकनीकों का अधिकतम लाभ आम लोगों तक पहुंचे।
यह दौरा सरकार की उस प्रतिबद्धता को दर्शाता है, जिसमें कृषि व पशुपालन के क्षेत्र में अनुसंधान और नवाचार को प्राथमिकता दी जा रही है, ताकि देश का ग्रामीण और किसान वर्ग आत्मनिर्भर बन सके।

