ग्रामीण क्षेत्रों में आर्थिक विकास और पारिस्थितिक संतुलन के बीच सामंजस्य बनाते हुए कृषि वानिकी (एग्रोफॉरेस्ट्री) को बढ़ावा देने के लिए पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय ने किसानों के हित में एक अहम कदम उठाया है। मंत्रालय ने ‘कृषि भूमि पर पेड़ों की कटाई के लिए मॉडल नियम’ जारी किए हैं, जिनका उद्देश्य राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को नियामकीय ढांचे को सरल बनाने में सहायता करना है।
यह पहल राष्ट्रीय टिंबर प्रबंधन प्रणाली (NTMS) पोर्टल के माध्यम से लागू की जाएगी, जहां किसान अपनी कृषि वानिकी आधारित बागानों की जियो-टैग्ड जानकारी अपलोड कर सकेंगे और पेड़ों की कटाई के लिए आवेदन कर सकेंगे। इस डिजिटल प्रक्रिया से पारदर्शिता बढ़ेगी और किसानों को अनावश्यक प्रक्रियाओं से मुक्ति मिलेगी।
क्या है मॉडल नियमों का उद्देश्य?
मॉडल नियमों का मुख्य उद्देश्य है:
- कृषि भूमि पर एग्रोफॉरेस्ट्री का पंजीकरण और पेड़ कटाई व परिवहन की प्रक्रिया को सरल बनाना।
- स्थानीय स्तर पर लकड़ी उत्पादन को बढ़ावा देना, जिससे प्राकृतिक वनों पर दबाव कम हो।
- मिट्टी की गुणवत्ता सुधार, जल संरक्षण, जैव विविधता संरक्षण, और कृषि क्षेत्र में जलवायु लचीलापन को बढ़ावा देना।
कैसे होगा पंजीकरण और अनुमति की प्रक्रिया?
- NTMS पोर्टल पर किसान अपने बागान की जानकारी (जैसे भूमि स्वामित्व, स्थान की KML फाइल, प्रजातियां, रोपण अवधि आदि) दर्ज करेंगे।
- समय-समय पर जियो-टैग्ड फोटोज़ के माध्यम से जानकारी अपडेट की जा सकेगी।
- पेड़ों की कटाई हेतु ऑनलाइन आवेदन दिया जा सकेगा, जिसमें प्रजाति और संख्या जैसी जानकारी देनी होगी।
सत्यापन और स्वीकृति प्रक्रिया
- पंजीकृत एजेंसियां स्थल निरीक्षण करेंगी और उनकी रिपोर्ट के आधार पर पेड़ कटाई की अनुमति जारी की जाएगी।
- डिविजनल फॉरेस्ट ऑफिसर (DFO) इन एजेंसियों के कार्य का निरंतर निगरानी करेंगे।
राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से आग्रह
मंत्रालय ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से आग्रह किया है कि वे इन मॉडल नियमों को अपनाएं, ताकि किसानों को एग्रोफॉरेस्ट्री अपनाने में प्रोत्साहन मिले और ‘ईज ऑफ डूइंग बिज़नेस’ को बढ़ावा मिल सके। यह पहल न केवल किसानों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाएगी, बल्कि देश में स्थायी कृषि प्रथाओं और घरेलू लकड़ी उत्पादन को भी बढ़ावा देगी। साथ ही, यह प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण और जलवायु परिवर्तन से निपटने में भी सहायक सिद्ध होगी।

