इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) द्वारा आयोजित “टेक-वर्स 2025” कार्यक्रम का शुभारंभ सचिव एस. कृष्णन ने किया। यह दो दिवसीय कार्यक्रम देश में विकसित उन्नत तकनीकों को उद्योग से जोड़ने के उद्देश्य से आयोजित किया गया है। कार्यक्रम में MeitY के प्रमुख अनुसंधान संस्थान – सी-डैक (C-DAC), सी-मेट (C-MET) और सेमीर (SAMEER) द्वारा तैयार की गई 150 से अधिक तकनीकों का प्रदर्शन किया गया।
भारत को उत्पाद-निर्माता राष्ट्र बनाने की दिशा में कदम: सचिव MeitY
अपने उद्घाटन भाषण में MeitY के सचिव एस. कृष्णन ने कहा, “टेक-वर्स जैसी पहलें सरकार द्वारा वित्त पोषित अनुसंधान को बाजार-उन्मुख उत्पादों में बदलने की दिशा में निर्णायक कदम हैं। हम कंप्यूटिंग इन्फ्रास्ट्रक्चर, फाउंडेशन मॉडल और एप्लिकेशन तैयार कर रहे हैं, जिनसे समाज की वास्तविक जरूरतों को पूरा किया जा सके।” उन्होंने कहा कि MeitY भारत को सेवा-आधारित अर्थव्यवस्था से उत्पाद-केंद्रित राष्ट्र में बदलने के लिए गहन-तकनीक (Deep-Tech) अनुसंधान को उद्योग से जोड़ रहा है।
पहले दिन हुए कई महत्वपूर्ण समझौते और लॉन्च
कार्यक्रम के पहले दिन 4 उत्पाद लॉन्च, 8 तकनीक हस्तांतरण (ToT) और 15 से अधिक एमओयू हस्ताक्षरित किए गए। इन समझौतों में बीईएल, टीसीएस, एससीएल-मोहाली, एलएंडटी लिमिटेड, वोल्टिक्स सेमीकॉन प्राइवेट लिमिटेड जैसे उद्योग जगत के प्रमुख नामों ने भाग लिया। यह साझेदारियां इंडस्ट्री 4.0, भारत के सॉवरेन क्लाउड प्लेटफॉर्म, नेक्स्ट जेन टेक्नोलॉजीज और एलटीसीसी पैकेजेज़ के विकास जैसे क्षेत्रों में हुई हैं।
MeitY के सहयोग से देश की तकनीकी दिशा बदलने की पहल
MeitY के अतिरिक्त सचिव अमितेश सिन्हा ने बताया कि यह कार्यक्रम MeitY की तीन प्रमुख अनुसंधान संस्थाओं द्वारा विकसित तकनीकों को एक साझा मंच पर लाकर उद्योग से जोड़ने का प्रयास है। इसमें क्वांटम टेक्नोलॉजी, IoT, एआई, साइबर सुरक्षा, मेडिकल डिवाइसेज़, पावर इलेक्ट्रॉनिक्स, 6G कम्युनिकेशन, सेमीकंडक्टर्स, UAV, रोबोटिक्स जैसी अत्याधुनिक तकनीकों को प्रदर्शित किया गया है। उन्होंने उद्योगों को आमंत्रित करते हुए कहा कि वे इस आयोजन का लाभ उठाएं और विभिन्न क्षेत्रों में सह-विकास के अवसरों का पता लगाएं।
टेक-वर्स 2025: आत्मनिर्भर भारत की तकनीकी झलक
टेक-वर्स 2025, MeitY द्वारा पहली बार आयोजित किया गया एक अनूठा तकनीकी प्रदर्शनी मंच है जो हर वर्ष आयोजित किया जाएगा। इसका उद्देश्य भारत को केवल सेवाओं तक सीमित न रखते हुए उसे एक नवोन्मेषक, तकनीक-निर्माता देश के रूप में स्थापित करना है। यह पहल विकसित भारत 2047 की दिशा में MeitY के योगदान का हिस्सा है, जिसमें समाज की वास्तविक जरूरतों को ध्यान में रखते हुए प्रौद्योगिकी विकसित की जा रही है।
यह आयोजन न केवल शोधकर्ताओं, स्टार्टअप्स और उद्योगों के लिए एक सहयोग मंच है, बल्कि यह दिखाता है कि सरकारी अनुसंधान कैसे जीवन को प्रत्यक्ष रूप से प्रभावित करने वाली तकनीकों में बदला जा सकता है।

