उत्तर प्रदेश में खरीफ फसल की बुआई के इस संवेदनशील दौर में किसानों को खाद की किल्लत या कालाबाज़ारी से बचाने के लिए योगी सरकार पूरी तरह से एक्शन मोड में आ गई है। कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने खुद लखनऊ और सीतापुर में औचक निरीक्षण कर उर्वरक वितरण की हकीकत जानी और गड़बड़ी मिलने पर कई दुकानों पर कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए।
लखनऊ में तीन प्रतिष्ठान जांच के घेरे में
रविवार को कृषि मंत्री ने जिला कृषि अधिकारी के साथ मिलकर लखनऊ के इंटौजा और बक्शी का तालाब क्षेत्र में कई उर्वरक दुकानों का निरीक्षण किया।
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पाल खाद भंडार में किसानों का पूरा विवरण रजिस्टर में दर्ज नहीं पाया गया।
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किसान खाद भंडार, बेहटा पर तय कीमत से ज्यादा दाम पर यूरिया बेचने की पुष्टि हुई।
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वहीं थोक सप्लायर ओम प्रकाश जयप्रकाश पर भी अधिक कीमत वसूली का आरोप साबित हुआ।
इन तीनों प्रतिष्ठानों के लाइसेंस तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिए गए हैं और दो कार्यदिवस में लिखित स्पष्टीकरण मांगा गया है।
मंत्री ने किसानों से की सीधी बात
जब एक खुदरा विक्रेता ने थोक सप्लायर पर दोष मढ़ा, तो मंत्री सूर्य प्रताप शाही (Surya Pratap Shahi ने खुद किसानों से फोन पर बात कर सच्चाई जानी। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह उर्वरक नियंत्रण आदेश 1985 और आवश्यक वस्तु अधिनियम का सीधा उल्लंघन है और कोई भी दोषी नहीं बख्शा जाएगा।
सीतापुर में बिना लाइसेंस खाद बिक्री, दुकान सीज़
सोमवार को निरीक्षण अभियान सीतापुर तक पहुंचा। यहां सिधौली और सक्रान क्षेत्र में
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एक प्रतिष्ठान बिना लाइसेंस उर्वरक बेचता मिला, जिस पर तत्काल कार्रवाई करते हुए दुकान को सील कर दिया गया।
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वहीं तीन अन्य दुकानें बंद पाई गईं, जिन पर अब विभाग जांच कर रहा है।
किसानों के हित में सख्त कदम
मंत्री शाही ने कहा, “किसानों को उर्वरक समय पर और तय कीमत पर मिले, यह हमारी प्राथमिकता है। खरीफ सीजन में किसी भी प्रकार की कालाबाज़ारी या लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।”
उन्होंने सभी अधिकारियों को निर्देशित किया कि उर्वरक वितरण की पूरी प्रक्रिया पारदर्शी और व्यवस्थित होनी चाहिए ताकि किसानों को कोई परेशानी न हो।

