अंतरराष्ट्रीय योग दिवस 2025 के अवसर पर केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने अपने व्यक्तिगत अनुभव से लोगों को प्रेरित किया। उन्होंने बताया कि एक हादसे में गंभीर रूप से घायल होने के बाद जब उन्हें अस्पताल में भर्ती होना पड़ा, तब योग ने उनकी ज़िंदगी में नया मोड़ दिया।
शिवराज ने कहा, “मुझे एक समय अपने शरीर की कई परेशानियों से जूझना पड़ा। इलाज तो चल ही रहा था, लेकिन शरीर और मन की पूर्ण रिकवरी तब शुरू हुई जब मैंने योग को अपनी दिनचर्या में शामिल किया।”
उन्होंने बताया कि शारीरिक चोटों के बाद न केवल उनका चलना-फिरना प्रभावित हुआ था, बल्कि मानसिक तनाव भी गहराता जा रहा था। तब चिकित्सकों की सलाह पर उन्होंने प्राणायाम, योगासन और ध्यान करना शुरू किया।
योग बना जीवन का हिस्सा
पूर्व मुख्यमंत्री और वर्तमान केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने योग को अपने जीवन का अभिन्न हिस्सा बताते हुए कहा कि यह केवल शारीरिक व्यायाम नहीं, बल्कि मन और आत्मा को जोड़ने की शक्ति है। उन्होंने कहा, “आज मैं पूरी तरह से स्वस्थ हूं और इसका सबसे बड़ा श्रेय योग को ही जाता है।”
देशवासियों से की अपीलइस मौके पर उन्होंने सभी नागरिकों से भी अपील की कि वे योग को अपनाएं और उसे एक दैनिक अभ्यास बनाएं। “तनाव भरे इस दौर में योग ही ऐसा माध्यम है जो हमें अंदर से मज़बूत बनाता है,” उन्होंने कहा।
योग दिवस पर शिवराज सिंह चौहान की यह प्रेरणादायक कहानी उन लाखों लोगों के लिए संदेश है जो स्वास्थ्य समस्याओं या मानसिक दबाव से जूझ रहे हैं। योग न सिर्फ शरीर को लचीलापन देता है, बल्कि जीवन में नई ऊर्जा और संतुलन भी लाता है।

