पंजाब के फूड कमिश्नर बल मुकंद शर्मा ने राज्य सहकारी विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ पंजाब कृषि विश्वविद्यालय (PAU) का भ्रमण किया। उनके साथ संयुक्त रजिस्ट्रार, पटियाला डिवीजन कुलदीप कुमार, उप–रजिस्ट्रार, लुधियाना विजेंदर संधू, तथा चार सहायक रजिस्ट्रार, निरीक्षक एवं सहकारी समितियों के सचिव सहित कुल 18 अधिकारी मौजूद थे।
एग्रो–प्रोसेसिंग कॉम्प्लेक्स का अवलोकन
डॉ. महेश कुमार, अतिरिक्त निदेशक (कृषि अभियांत्रिकी), ने बताया कि उपकुलपति डॉ. सतबीर सिंह गोसल के दिशा निर्देशन में PAU कैंपस पर नवीनतम एग्रो–प्रोसेसिंग कॉम्प्लेक्स (APC) स्थापित किया गया है। यह कॉम्प्लेक्स वर्षभर चलने योग्य यूनिटों से लैस है, ताकि फसल चक्र के विभिन्न मौसमों में भी मूल्य संवर्धन गतिविधियाँ की जा सकें। इसका मुख्य उद्देश्य किसानों, उदीयमान उद्यमियों और नीति निर्माताओं को फार्म‑गेट पर की जाने वाली वैल्यू‑एडिशन की प्रक्रियाएँ प्रत्यक्ष ज्ञान एवं अनुभव के माध्यम से समझाना है।
APC की प्रमुख सुविधाएँ
डॉ. टी. सी. मित्तल, विभाग प्रमुख (प्रोसेसिंग एवं फूड इंजीनियरिंग), एवं डॉ. एम. एस. आलम, प्रधान वैज्ञानिक, ने APC की संरचना और ग्रामीण पंजाब पर इसके लाभों की रूपरेखा पेश की। इस कॉम्प्लेक्स में शामिल आधुनिक सुविधाएँ निम्नानुसार हैं:
- दाल मिलिंग यूनिट
- कलर सॉर्टर मशीन
- वैक्यूम एवं नाइट्रोजन पैकेजिंग मशीनें
- आटा चक्की एवं मिनी राइस मिल
- हाइड्रोलिक कोल्ड प्रेस (तेल निष्कर्षण)
- बाजरा प्रोसेसिंग मशीनें
- आधुनिक गुड़ इकाई
- सोयाबीन प्रोसेसिंग यूनिट
- फीड मिलिंग यूनिट
सहकारी समितियों की भूमिका एवं स्थानीय उद्यमिता
दौरे के दौरान अधिकारियों ने नव‑निर्मित संयंत्र का बारीकी से निरीक्षण किया। श्री कुमार ने उल्लेख किया कि अधिकतर टीम सदस्य युवा अधिकारी हैं, जिनका ध्येय पंजाब के किसानों की सेवा करना है। उन्होंने कहा कि सहकारी समितियाँ बीज बिक्री, कृषि मशीनरी कस्टम हायरिंग एवं वित्तीय सहायता के माध्यम से किसानों का महत्त्वपूर्ण सहयोग करती हैं।
एग्री–बिजनेस इंक्यूबेशन सेंटर का भ्रमण
द delegation ने फूड साइंस एवं टेक्नोलॉजी विभाग के अंतर्गत स्थापित PAU एग्री–बिजनेस इंक्यूबेशन सेंटर का भी दौरा किया। डॉ. सविता शर्मा, विभागाध्यक्ष, ने डॉ. अर्शदीप रंधावा और डॉ. नांदा के साथ मिलकर उन यूनिट ऑपरेशंस का प्रदर्शन किया, जिन्हें किसान एवं ग्रामीण महिला समूह कच्ची उपज का मूल्य संवर्धन हेतु अपना सकते हैं।
अंत में संधू ने धन्यवाद प्रस्ताव रखा। विश्वविद्यालय द्वारा एग्रो–प्रोसेसिंग पर तैयार साहित्य भी वितरित किया गया। सभी आगंतुकों ने इस पहल की सराहना की और अपने-अपने क्षेत्रों में इसी प्रकार की प्रोसेसिंग यूनिट स्थापित करने की प्रतिबद्धता व्यक्त की।

