कृषि क्षेत्र में लगातार हो रहे नवाचार से किसानों के लिए नए अवसर पैदा हो रहे हैं. इसी के साथ कई क्षेत्र ऐसे भी है. जिससे किसान पूरी तरह से जागरूक नहीं है. बायोफ्यूल उद्योग एक ऐसा क्षेत्र है जहाँ से किसानों को एक अच्छा और बेहतर आय का स्त्रोत मिल सकता है. ज़रूरत किसानों को इसकी सही जानकारी की. इसके विषय में फसल क्रांति ने एडवांस बायोफ्यूल के चेयरमैन रफीक मनकड से बात की. पेश है उनसे बातचीत के कुछ मुख्य अंश.
एडवांस बायोफ्यूल कैसे काम कर रहा है ?
हम पिछले12 वर्षों से बायोफ्यूल क्षेत्र में किसानों के लिए काम कर रहे हैं . हम मुख्य रूप से बायोफ्यूल क्षेत्र में काम कर रहे हैं. बायोफ्यूल का कृषि से सीधा नाता है. हमारे देश का जो एजेंडा है. खेती प्रदान देश है इसलिए प्रारभ से ही हम खेती से सम्बंधित कार्य करते आ रहे हैं. हम जो बायोफ्यूल के अंदर काम कर रहे हैं इससे फायदा किसानों को ही है. जिस तरीक़े से खेती हो रही है उसमें नई नई कृषि तकनीकों का उपयोग किया जा रहा है. किसानों को भी खेती में इन नई तकनीकों को अपनाना चाहिए. बायोफ्यूल किसानों के लिए एक बहुत बड़ा अवसर बन सकता है.
किसानों के लिए बायोफ्यूल क्षेत्र में क्या अवसर हैं ?
मै यहाँ पर एक एक करके बताता हूं. हम बायोगैस बनाते हैं जो वर्षों से चल रहा है बायोगैस में कुछ एडवांस तकनीक आने के बाद से इसका वाणिज्यिक उपयोग भी हो रहा है और भारत सरकार भी बायोगैस को खरीदती है. किसानों के लिए यह एक अवसर है जो गाय भैंस का गोबर होता है उसको आप बायोगैस प्लांट वालों को बेचिए इससे किसानों को एक अच्छी कमाई हो जाएगी. कृषि क्षेत्र के अन्दर जो अवशेष निकलता है किसान उसको फेंक देता है या जला देता है. लेकिन किसानों को यह बताना आवश्यक है कि वो इस फसल अवशेष से भी पैसा कमा सकते है. इस फसल अवशेष को किसान उन कंपनियों को बेच सकते है जो पेलेट बनाती है. इससे उनको अच्छा मुनाफा होगा.
क्या इसको कॉन्ट्रैक्ट फार्मिंग के जरिए इयक जा सकता है ?
इसको हम ऐसे समझते हैं एक पूरे गाँव का कृषि अवशेष लेकर यदि हम किसी कंपनी के साथ कॉन्ट्रैक्ट करें तो यह एक गाँव के लिए बहुत बड़ा अवसर हो सकता है. इससे किसानों को एक अच्छा मुनाफा मिलेगा. दूसरा मै किसानों को यह कहूँगा की जितनी भी ज़मीन बंजर पड़ी है उसमें किसान नेपियर घास उगा सकते हैं. उसका उत्पादन करके किसान काफी अच्छी इनकम ले सकते हैं. नेपियर घास कैसी भी मिटटी में हो सकता है बस पानी की थोड़ी व्यवस्था रहे. इसके अलावा जो इथेनोल बनाया जाता है उसको हम चावल, गेहूं, गन्ना आदि फसलों से बनाते हैं. अक्सर किसान इनको सड़ने के बाद फेंक देते हैं. मै किसानों को कहना चाहूँगा कि इनको फेंकने की ज़रूरत नही है. किसान उनको किसी इथेनोल बनाने वाली कम्पनी को बेच सकते हैं. इससे किसानों को अच्छा पैसा मिल जाएगा. इसी के साथ किसानों के लिए बायोफ्यूल क्षेत्र में और भी अवसर है.
बायोडीजल के क्षेत्र में किसान कैसे अपनी आय बढ़ा सकते हैं ?
आप देखेंगे की बहुत सारे वाणिज्यिक वाहन बायो डीजल से चलते हैं. तो किसान जेट्रोफा को उगाकर एक बहुत अच्छी आय ले सकते हैं. जेट्रोफा को बायोडीजल बनाने वाली कंपनियों को बेचा जा सकता है. लेकिन कही न कही किसानों को इसकी जानकारी नही होती है. कुछ समय पहले सरकार ने भी जेट्रोफा के उत्पादन को प्रोत्साहित किया था और किसानों से कहा था कि इसके उत्पादन को किसान बायोडीजल बनाने वाली कंपनियों को आसानी से बेच सकते हैं. मै किसानों को बताना चाहूँगा की सरकार किसानों को बहुत प्रोत्साहित कर रही है और किसानों को फसल उत्पादन के बढ़ाने के लिए कई तरह की योजनाए उनके लिए है. बायोफ्यूल क्षेत्र में किसानों के सामने अच्छे अवसर है और किसान इसका लाभ ले सकते हैं.
किसान इस क्षेत्र में कैसे आगे आ सकते हैं ?
किसानों के पास अच्छे अवसर है. बस आवश्यकता है कुछ कदम उठाने की.हम चाहते हैं कि हर एक गाँव के अन्दर किसान इनिशिएटिव ले और हम जैसी कंपनी को संपर्क करें. इससे किसानों की आय में वृद्धि होगी. किसानों के साथ काम करने के लिए बायो फ्यूल क्षेत्र में काम करने वाली बहुत सारी कंपनियां तैयार बैठी है. एक कदम बस किसानों को आगे बढ़ाने की आवश्यकता है. बायोफ्यूल उद्योग देश में तेजी से बढ़ता जा रहा है. इसके उत्पादन के लिए जिस रॉ मटेरियल की आवश्यकता होती है उसको किसान ही तो तैयार करते हैं . यह किसानों के लिए एक बहुत शानदार अवसर है.
आप किसानों को क्या कहना चाहेंगे ?
मै किसानों को कहना चाहूँगा कि किसानों को आगे आने की आवश्यकता है. बायोफ्यूल सेक्टर में किसानों के लिए बहुत अवसर है. सरकार भी इसको प्रोत्साहित कर रही है, मेरा मानना कि कृषि क्षेत्र का देश की इकोनोमी में एक बड़ा योगदान है ऐसे में किसानों को कृषि क्षेत्र में कुछ नया करने की आवश्यकता है और उनके लिए बायोफ्यूल क्षेत्र में बड़े अवसर है.

