कृषि नवाचारों और तकनीकों को किसानों तक पहुंचाने के लिए सरकार भरपूर प्रयास कर रही है। इसी कड़ी में भारत सरकार के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय द्वारा विकसित कृषि संकल्प अभियान की शुरुआत की गई है। इस अभियान के अंतर्गत संपूर्ण कृषि तंत्र किसानों तक आधुनिक तकनीकों को पहुंचाने में जुटा है। दिल्ली में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान फसल क्रांति की टीम ने भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR) के डॉ. राजबीर सिंह, उप महानिदेशक (कृषि प्रसार), से बातचीत की। उन्होंने इस अभियान के महत्व और उद्देश्यों पर प्रकाश डाला।
क्या विकसित कृषि से विकसित भारत का निर्माण संभव है?
डॉ. राजबीर सिंह का कहना है कि जब हम विकसित भारत की बात करते हैं, तो हमें विकसित कृषि की भी चर्चा करनी होगी। भारत की प्रगति का रास्ता खेत-खलिहान और किसानों से होकर ही गुजरता है। इसलिए हमें भविष्य की खेती की बात करनी होगी। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य किसानों को वैज्ञानिकों से जोड़ना है। “जय विज्ञान, जय अनुसंधान, जय किसान” के नारे को साकार करते हुए किसानों और वैज्ञानिकों के बीच समन्वय स्थापित करना आवश्यक है।
विकसित कृषि संकल्प अभियान के अंतर्गत किसानों को कैसे जागरूक किया जा रहा है?
डॉ. सिंह ने बताया कि यह एक सामूहिक प्रयास है, जिसमें सभी को साथ लेकर चलने की आवश्यकता है। देशभर के लगभग 700 कृषि संबंधित जिलों में यह पहल चलाई जा रही है। इस अभियान के तहत 2,000 से अधिक कृषि वैज्ञानिकों और अधिकारियों की टीम गठित की गई है, जो प्रतिदिन 5 से 10 कार्यक्रम आयोजित कर रही है। इन कार्यक्रमों में किसानों से सीधा संवाद किया जा रहा है, जहां वे अपनी समस्याएं साझा करते हैं और वैज्ञानिक मौके पर ही उनके समाधान प्रस्तुत करते हैं। खरीफ सीजन की शुरुआत से पहले यह एक अत्यंत महत्वपूर्ण मुहिम है, जिसके सकारात्मक परिणाम सामने आ रहे हैं।
विकसित कृषि संकल्प अभियान के बारे में आपकी क्या राय है?
डॉ. राजबीर सिंह ने कहा कि इस अभियान का नेतृत्व स्वयं माननीय कृषि मंत्री कर रहे हैं। वे देशभर के राज्यों के मुख्यमंत्रियों, कृषि मंत्रियों से सीधे संवाद स्थापित कर रहे हैं। इन कार्यक्रमों में सरकार की योजनाओं की जानकारी दी जा रही है और किसानों को जागरूक किया जा रहा है।किसानों को सूचनात्मक साहित्य भी प्रदान किया जा रहा है और प्रगतिशील किसानों को भी इस पहल में शामिल किया गया है, जिससे अनुभव और नवाचार का समन्वय हो सके।
तकनीकी कृषि विस्तार किसानों के लिए कितना महत्वपूर्ण है?
डॉ. राजबीर सिंह ने स्पष्ट किया कि जब तक कृषि विस्तार को किसान, विज्ञान और अनुसंधान से जोड़ा नहीं जाएगा, तब तक किसानों को इसका वास्तविक लाभ नहीं मिल पाएगा। आज की खेती में नई तकनीकें, प्रिसिजन फार्मिंग और सैटेलाइट आधारित सेवाएं अत्यंत महत्वपूर्ण हो चुकी हैं। इसलिए किसानों को शिक्षित और तकनीकी रूप से सक्षम बनाना आवश्यक है। इस अभियान की एक बड़ी उपलब्धि यह रही कि देशभर के वैज्ञानिक, किसान और कृषि तंत्र इसमें सकारात्मक भूमिका निभा रहे हैं। हम देश के दूरदराज, यहां तक कि सीमा से लगे गांवों तक पहुंचे हैं और वहां भी यह अभियान प्रभावी रूप से चलाया जा रहा है।
किसानों के लिए आपका संदेश?
डॉ. राजबीर सिंह ने किसानों से अपील करते हुए कहा, “मैं किसानों से कहना चाहूंगा कि वे इस अभियान का हिस्सा बनें और वैज्ञानिकों द्वारा बताई गई तकनीकों को अपनाएं। विकसित भारत का सपना केवल किसान ही साकार कर सकते हैं। आइए, मिलकर आगे बढ़ें और विकसित भारत के निर्माण में अपनी भूमिका निभाएं।”

