कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय द्वारा आयोजित “एग्री स्टैक डेटा से डिलीवरी तक” राष्ट्रीय सम्मेलन में केंद्र और राज्यों के अधिकारी, विशेषज्ञ और हितधारक शामिल हुए। उद्घाटन भाषण में कृषि सचिव देवेश चतुर्वेदी ने डिजिटल तकनीक के ज़रिए पारदर्शी और किसान-केन्द्रित प्रशासन की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने राज्यों से आग्रह किया कि वे अपने किसान रजिस्ट्रियों को भू-अधिकार अभिलेखों (RoR) से जोड़ें और योजनाओं की प्रभावी डिलीवरी के लिए डिजिटल डाटा का उपयोग बढ़ाएं।
कृषि योजनाओं में एकीकृत किसान पहचान और डिजिटल सेवाओं का विस्तार
सम्मेलन में कृषि मंत्रालय के अतिरिक्त सचिव (डिजिटल) श्री प्रमोद कुमार मेहेरदा ने बताया कि किसान आईडी को पीएम-किसान, फसल बीमा योजना (PMFBY), और किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) जैसी योजनाओं से जोड़ा जा रहा है। इसके साथ ही, जियो-रेफरेंसिंग, डेटा गुणवत्ता और यूनिफाइड फार्मर सर्विस इंटरफेस (UFSI) जैस मानकों पर भी कार्य हो रहा है।
किसान डेटा को सुरक्षित रखने और सेवाओं को पहुंचाने के लिए नई पहलें
सम्मेलन में किसान अधिकार प्रणाली (Farmer Authorization System) और डिजिटल रूप से प्रमाणित दस्तावेज़ (DVC) की जानकारी दी गई। DVC, जिसे “किसान पहचान पत्र” भी कहा जा रहा है, किसानों को अपने भूमि और फसल से जुड़े दस्तावेज़ डिजिटल रूप से तैयार और साझा करने की सुविधा देगा। ये Digi Locker से जुड़ा होगा और भूमि परिवर्तन की स्थिति में स्वतः निष्क्रिय हो जाएगा।
राज्यों और बैंकों के साथ साझेदारी: ऋण सेवाओं तक आसान पहुंच का मार्ग प्रशस्त
महाराष्ट्र, बिहार, केरल, ओडिशा और सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के साथ समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए, जिससे किसान रजिस्ट्रियों के ज़रिए डिजिटल क्रेडिट सेवाओं तक किसानों की पहुंच आसान होगी। यह पहल विशेष रूप से छोटे और सीमांत किसानों के लिए लाभकारी साबित होगी।
₹6,000 करोड़ की विशेष सहायता योजना की घोषणा
सम्मेलन में ₹6,000 करोड़ की विशेष केंद्रीय सहायता (SCA) योजना की जानकारी भी दी गई। इसमें ₹4,000 करोड़ किसान रजिस्ट्रियों के लिए और ₹2,000 करोड़ डिजिटल फसल सर्वेक्षण के लिए प्रदान किए जाएंगे, जो पहले आओ-पहले पाओ के आधार पर उपलब्ध होंगे।
राज्यों की नवाचार कहानियाँ: महाराष्ट्र, यूपी और कर्नाटक ने साझा किए अनुभव
राज्यों ने अपने-अपने डिजिटल प्रयोग साझा किए। महाराष्ट्र ने एआई आधारित सलाह प्रणाली “महाविस्तार AI” की योजना पेश की। उत्तर प्रदेश ने एग्री स्टैक को एमएसपी खरीद प्रणाली से जोड़ने का अनुभव साझा किया, जबकि कर्नाटक ने FRUITS पोर्टल को बैंकिंग सिस्टम और आपदा राहत सेवाओं से जोड़ने की जानकारी दी।
एआई और तकनीकी समाधान से जुड़ी नई सेवाओं का प्रदर्शन
सम्मेलन में एग्री स्टैक डेटा पर प्रशिक्षित एक बहुभाषी एआई चैटबॉट और विभिन्न एआई टूल्स जैसे कि फसल पहचान, सर्वेयर ऑथेंटिकेशन और कोड ऑप्टिमाइजेशन के प्रोटोटाइप भी प्रस्तुत किए गए। साथ ही एकीकृत शिकायत निवारण पोर्टल भी लॉन्च किया गया, जो भूमि विवादों से संबंधित मामलों के लिए किसानों को सरल और सुलभ मंच प्रदान करेगा।
समापन सत्र: संवाद और सहभागिता पर जोर
सम्मेलन का समापन एक खुली परिचर्चा के साथ हुआ जिसमें विभिन्न राज्यों ने अपने सुझाव और अनुभव साझा किए। डिप्टी एडवाइजर अनिंद्य बनर्जी ने सभी का धन्यवाद करते हुए कहा कि यह सम्मेलन डिजिटल कृषि की दिशा में मिलकर काम करने की भावना को मज़बूत करता है।

