ֆ:षि क्षेत्र में नवाचारों के बीच अब ‘फ्रूट फ्लाई ट्रैप’ तकनीक चर्चा में है, जो फलों को नुकसान पहुँचाने वाले कीटों से छुटकारा दिलाकर किसानों की आय बढ़ाने में मददगार साबित हो रही है। यह तकनीक पर्यावरण के अनुकूल और किफायती होने के साथ-साथ रासायनिक कीटनाशकों पर निर्भरता को भी कम करती है।§֍:क्या है फ्रूट फ्लाई ट्रैप तकनीक?
§ֆ:फ्रूट फ्लाई ट्रैप एक जैविक कीट नियंत्रण विधि है, जिसमें फलों को नुकसान पहुँचाने वाली मक्खियों (जैसे मीठे फलों पर हमला करने वाली मेडिटरेनियन फ्रूट फ्लाई) को फेरोमोन या प्राकृतिक आकर्षक पदार्थों की मदद से ट्रैप में फँसाया जाता है। इससे फसलों को कीटों के प्रकोप से बचाया जा सकता है।
§֍:किसानों को कैसे मिलेगा लाभ?
§ֆ:फसल सुरक्षा: इस तकनीक से आम, अमरूद, केला, खट्टे फल आदि को नुकसान पहुँचाने वाली मक्खियों पर नियंत्रण संभव है।
कम लागत: रासायनिक कीटनाशकों की तुलना में यह सस्ता और टिकाऊ विकल्प है।
स्वास्थ्य लाभ: रासायनिक अवशेषों से मुक्त फलों की माँग बाजार में अधिक होती है, जिससे किसानों को बेहतर मूल्य मिलता है।
पर्यावरण हितैषी: यह तकनीक मिट्टी और जल प्रदूषण को रोकती है तथा लाभकारी कीटों को नुकसान नहीं पहुँचाती।
§֍:सरकार और कृषि विशेषज्ञों की सलाह
§ֆ:कृषि वैज्ञानिकों का मानना है कि इस तकनीक को अपनाकर किसान 20-30% तक फसल नुकसान को कम कर सकते हैं। केंद्र और राज्य सरकारें भी इसे बढ़ावा देने के लिए किसानों को सब्सिडी या प्रशिक्षण दे रही हैं।
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