आमिर खान एक बार फिर दिल जीतने की तैयारी में हैं अपनी नई फिल्म ‘सितारे ज़मीन पर‘ के साथ, जो थिएटर में बड़े पैमाने पर रिलीज़ होने वाली है. 2007 की उनकी क्लासिक ‘तारे ज़मीन पर‘ की ये एक स्पिरिचुअल सीक्वल है, जिसमें आमिर के साथ 10 नए डेब्यू करने वाले एक्टर्स भी नज़र आएंगे. फिल्म की कहानी इंस्पायर और इमोशनल करने वाली लग रही है, और ट्रेलर-सॉन्ग्स ने पहले ही अच्छा बज बना दिया है.
रिलीज़ से पहले की हलचल के बीच, समाजसेवी और लेखिका सुधा मूर्ति हाल ही में फिल्म की एक स्पेशल स्क्रीनिंग में शामिल हुईं. उन्होंने फिल्म की तारीफ की कि ये एक अहम सामाजिक मुद्दे को बहुत ही खूबसूरत और दिल को छू जाने वाले अंदाज़ में दिखाती है. सुधा मूर्ति ने ये भी कहा कि ‘सितारे ज़मीन पर‘ अपनी कहानी और मैसेज के ज़रिए समाज में सकारात्मक बदलाव ला सकती है.
सुधा मूर्ति ने फिल्म की तारीफ करते हुए कहा, “मैंने ‘सितारे ज़मीन पर‘ देखी. ये आमिर खान की फिल्म है और उन्होंने इसमें एक्टिंग भी की है. मुझे लगा ये आंखें खोलने वाली फिल्म है, क्योंकि ज़्यादातर लोग ऐसे बच्चों को ठीक से समझ नहीं पाते. असल में ‘नॉर्मल’ क्या होता है, ये भी अपने आप में बड़ा सवाल है. ये फिल्म बहुत प्यारी है, इसमें समझ आता है कि ऐसे बच्चे बहुत भावुक और दिल के साफ होते हैं. वो हमेशा मुस्कराते रहते हैं, क्योंकि उनकी सोच बहुत सीधी-सादी होती है. जब कोई और कुछ अच्छा करता है, जो आपने नहीं किया, तब भी आप उसकी खुशी में खुश हो जाते हो.”
सुधा मूर्ति ने आगे कहा, “ऐसे बच्चों से बहुत कुछ सीखने को मिलता है, ये फिल्म भी वही दिखाती है. इससे सोच में काफी बदलाव आ सकता है. लोगों को समझना चाहिए कि मानसिक रूप से अलग बच्चों को कभी भी नीचा नहीं देखना चाहिए, बल्कि प्यार और समझ से पेश आना चाहिए.

