केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि देश में कृषि उत्पादन में पिछले 10 वर्षों में 40 प्रतिशत की वृद्धि हुई है और इस क्षेत्र में वित्त वर्ष 2024-25 की चौथी तिमाही में 5.4 प्रतिशत की वृद्धि दर देखी गई।
केंद्र सरकार के ‘विकसित कृषि संकल्प अभियान‘ के तहत यहां आयोजित कार्यक्रमों में शामिल हुए चौहान ने कहा कि दुनिया में कृषि में एक-दो प्रतिशत की वृद्धि भी बड़ी मानी जाती है।
उन्होंने संवाददाताओं से कहा, “अगर मैं कृषि के नजरिए से देखूं तो यह पीएम मोदी के विजन, नीतियों और कार्यक्रमों का प्रभाव है कि चौथी तिमाही में कृषि विकास दर 5.4 प्रतिशत रही।”
उन्होंने कहा कि देश ने गेहूं, धान, सोयाबीन, मूंगफली और अन्य के उत्पादन में नए कीर्तिमान स्थापित किए हैं और अनाज के भंडार भरे हुए हैं। उन्होंने कहा, “पिछले 10 वर्षों में हमने (कृषि) उत्पादन में 40 प्रतिशत की वृद्धि की है। खाद्यान्न की कोई कमी नहीं है और भारत अन्य देशों को निर्यात कर रहा है।” उन्होंने रिकॉर्ड खाद्यान्न उत्पादन के लिए प्रधानमंत्री मोदी, किसानों और वैज्ञानिकों को बधाई दी।
अभियान के तहत एक सभा को संबोधित करते हुए चौहान ने कहा कि उन्होंने हाल ही में भारत-पाकिस्तान संघर्ष के दौरान खाद्यान्न का जायजा लेने के लिए अधिकारियों के साथ बैठक की थी। उन्होंने कहा कि उन्हें बताया गया कि गोदाम भरे हुए हैं और अगर संघर्ष लंबा भी चलता है तो भी चिंता की कोई बात नहीं है।
उन्होंने खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने, किसानों की आय बढ़ाने, पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराने और मृदा स्वास्थ्य की सुरक्षा पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि कृषि वैज्ञानिकों को किसानों के साथ बातचीत करने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि 2,170 वैज्ञानिक दल देश भर के गांवों का दौरा कर रहे हैं।

