ֆ:एक ताजा सर्वेक्षण में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि दिल्ली में चलने वाले इलेक्ट्रिक रिक्शा (ई-रिक्शा) चालकों द्वारा हर साल लगभग 120 करोड़ रुपये की बिजली की चोरी की जा रही है। यह जानकारी दिल्ली बिजली वितरण कंपनियों (डिस्कॉम) द्वारा कराए गए अध्ययन में सामने आई है।§֍:कैसे हो रही है बिजली की चोरी?
§ֆ:सर्वे के अनुसार, अधिकांश ई-रिक्शा चालक रात में अपने वाहनों की बैटरी चार्ज करने के लिए अनधिकृत कनेक्शन (कुटिंग) का इस्तेमाल करते हैं। इसके अलावा, कई चालक मीटर में हेराफेरी करके या फिर सार्वजनिक चार्जिंग स्टेशनों से बिना भुगतान किए बिजली लेते हैं।
§֍:डिस्कॉम को भारी नुकसान
§ֆ:दिल्ली की तीनों प्रमुख बिजली वितरण कंपनियों—बीएसईएस यमुना, बीएसईस राजधानी और टाटा पावर दिल्ली—ने इस मामले को गंभीरता से लिया है। उनका अनुमान है कि अगर यही हाल रहा, तो बिजली चोरी से होने वाला नुकसान और बढ़ सकता है।
§ֆ:§֍:क्या कहते हैं अधिकारी?
§ֆ:एक डिस्कॉम अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया, “ई-रिक्शा चालक अक्सर घनी आबादी वाले इलाकों में रहते हैं, जहां बिजली चोरी पर नजर रखना मुश्किल होता है। हम इस पर कार्रवाई करने की योजना बना रहे हैं।”
§֍:क्या हो सकता है समाधान?
§ֆ:स्मार्ट मीटर लगाकर बिजली चोरी पर रोक लगाई जा सकती है।
सरकार द्वारा सब्सिडाइज्ड चार्जिंग स्टेशन बनाए जा सकते हैं।
सख्त कानूनी कार्रवाई और जुर्माना लगाकर ऐसे मामलों को कम किया जा सकता है।
§֍:ई-रिक्शा चालकों की मजबूरी?
§ֆ:कुछ ई-रिक्शा चालकों का कहना है कि बिजली की बढ़ती कीमतों के कारण वे मजबूरी में चोरी का रास्ता अपनाते हैं। उन्होंने सरकार से सस्ती दरों पर बिजली उपलब्ध कराने की मांग की है।
§֍:जानें क्या है अगला कदम?
§ֆ:दिल्ली सरकार और डिस्कॉम कंपनियां इस मामले पर गंभीरता से विचार कर रही हैं। जल्द ही ई-रिक्शा चालकों के लिए नए दिशा-निर्देश जारी किए जा सकते हैं।
इस मामले की जांच जारी है, और आगे की कार्रवाई पर सभी की नजर टिकी हुई है।
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