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बिहार के सीतामढ़ी प्रखंड क्षेत्र के भंडारी ग्राम पंचायत में कृषि विभाग द्वारा कृषि जन कल्याण चौपाल कार्यक्रम का भव्य आयोजन किया गया, जिसका उद्देश्य किसानों को सरकार की नई और लाभकारी योजनाओं की जानकारी देना तथा उन्हें तकनीकी रूप से सशक्त बनाना था। इस कार्यक्रम ने ग्रामीण क्षेत्र के किसानों को कृषि क्षेत्र में हो रहे बदलावों से सीधे जोड़ने का कार्य किया।
§ֆ:कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रखंड समन्वयक दिवाकर वात्स्यायन ने की, जबकि संचालन किसान सलाहकार जितेंद्र प्रसाद गुप्ता द्वारा किया गया। मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित प्रखंड कृषि पदाधिकारी सर्वेन्द्र किशोर ने किसानों से संवाद करते हुए विभाग द्वारा संचालित अनेक योजनाओं पर विस्तार से प्रकाश डाला।
§ֆ:किसानों को जागरूक करते हुए श्री किशोर ने बताया कि राज्य एवं केंद्र सरकार किसानों की आय को दोगुना करने के उद्देश्य से आधुनिक कृषि यंत्रों, उन्नत किस्म के बीज, मिट्टी परीक्षण, जैविक खेती, सिंचाई साधनों एवं अन्य कृषि अनुदान योजनाओं को सुलभ बना रही है। उन्होंने किसानों को बिहार कृषि एप के उपयोग की सलाह दी, जिससे किसान मोबाइल पर ही अपनी ज़रूरत की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।
§ֆ:उन्होंने फार्मर रजिस्ट्री और किसान पंजीकरण की प्रक्रिया को समझाते हुए कहा कि यह सरकारी योजनाओं का लाभ उठाने की पहली सीढ़ी है। साथ ही बीज टीकाकरण की अहमियत बताते हुए उन्होंने बीजों की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए किसानों को इसे अपनाने की अपील की।मिट्टी परीक्षण की जानकारी देते हुए उन्होंने बताया कि स्वस्थ फसल के लिए मिट्टी की सेहत सबसे जरूरी है। इसके साथ ही उन्होंने हरी खाद के अंतर्गत ढ़ैचा फसल के उपयोग, संकर धान के बीज वितरण, प्रमाणित बीजों के फायदे, तथा रोटावेटर, जीरो टिलेज मशीन, रीपर और थ्रेसर जैसे उन्नत कृषि यंत्रों के महत्व पर प्रकाश डाला।§֍:§ֆ:इसके अतिरिक्त उन्होंने समेकित कृषि प्रणाली की जानकारी दी, जिसमें खेती के साथ-साथ पशुपालन, मछली पालन, मधुमक्खी पालन आदि को जोड़कर किसान अपनी आय के अनेक स्रोत तैयार कर सकते हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना तथा मुख्यमंत्री निजी नलकूप योजना की भी विस्तार से जानकारी दी, जिससे किसानों को आर्थिक सहायता व सिंचाई साधनों में सुधार मिल सके।§ֆ:कार्यक्रम के दौरान किसानों ने भी अपने प्रश्नों और समस्याओं को खुलकर साझा किया। कृषि विभाग की टीम ने सभी प्रश्नों के समाधान तत्परता से दिए। चौपाल में आए किसान नई योजनाओं और तकनीकों को जानकर उत्साहित दिखे और उन्होंने अपने खेतों में इसे अपनाने का भरोसा भी जताया।
§ֆ:कृषि चौपाल ने यह साबित किया कि सही जानकारी और तकनीकी मार्गदर्शन से किसानों को आत्मनिर्भर और सक्षम बनाया जा सकता है। यह कार्यक्रम न केवल जागरूकता बढ़ाने वाला रहा, बल्कि ग्रामीण क्षेत्र में वैज्ञानिक कृषि को बढ़ावा देने की दिशा में एक सशक्त कदम भी साबित हुआ।
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