ֆ:पंजाब कृषि विश्वविद्यालय (PAU) के कृषि अभियांत्रिकी और प्रौद्योगिकी महाविद्यालय (COAET) ने एक शानदार उपलब्धि हासिल की है। प्रतिष्ठित एजुकेशन रैंकिंग संस्था EduRank के अनुसार, यह महाविद्यालय भारत का नंबर-1 कृषि अभियांत्रिकी महाविद्यालय घोषित किया गया है। इसके साथ ही एशिया में चौथा और वैश्विक स्तर पर 17वां स्थान प्राप्त कर विश्वविद्यालय ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी अपनी छाप छोड़ी है।
§ֆ:यह रैंकिंग शोध प्रकाशनों (PAU के नाम पर 13,061 अकादमिक प्रकाशन और 1,94,666 उद्धरण), गैर-शैक्षणिक प्रतिष्ठा और तीन प्रमुख पूर्व छात्रों के वैश्विक प्रभाव पर आधारित है। एशिया में केवल तीन संस्थान (दो चीन से और एक ईरान से) इस महाविद्यालय से ऊपर हैं।PAU के कुलपति डॉ. सतबीर सिंह गोसल ने इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर महाविद्यालय के डीन डॉ. मनजीत सिंह, विभागाध्यक्षों और संकाय सदस्यों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि यह सफलता टीमवर्क, समर्पण और वैश्विक स्तर की प्रतिस्पर्धा के प्रति प्रतिबद्धता का परिणाम है।
§ֆ:डॉ. मनजीत सिंह ने कहा कि यह सम्मान महाविद्यालय की शैक्षणिक उत्कृष्टता, नवाचारी शोध, और अत्याधुनिक प्रयोगशालाओं व अधोसंरचना का प्रमाण है। उन्होंने बताया कि 75% से अधिक संकाय सदस्य पीएचडी धारक हैं, जिससे यह संस्थान कृषि अभियांत्रिकी के क्षेत्र में अत्याधुनिक ज्ञान का केंद्र बन गया है।COAET की स्थापना 1964 में Ohio State University, USA के सहयोग और Ford Foundation की उदार वित्तीय सहायता से हुई थी। इसे संयुक्त राष्ट्र संघ (UNO) द्वारा दक्षिण-पूर्व एशिया में कृषि अभियांत्रिकी शिक्षा के “Centre of Excellence” के रूप में मान्यता प्राप्त है। ICAR द्वारा 8वीं पंचवर्षीय योजना (1997) के दौरान इसे Farm Power and Machinery में उन्नत अध्ययन केंद्र के रूप में स्वीकृत किया गया था।
§ֆ:2017 में इसे उत्तरी क्षेत्र के सर्वश्रेष्ठ संस्थानों में शामिल किया गया था। यहां स्नातक और स्नातकोत्तर विद्यार्थियों के लिए उत्कृष्ट प्रशिक्षण सुविधाएं उपलब्ध हैं। ट्रैक्टर, सिंचाई और खाद्य प्रसंस्करण उद्योग में महाविद्यालय के कई छात्र कैंपस प्लेसमेंट के माध्यम से चयनित हो रहे हैं।भारत सरकार की पुआल प्रबंधन (CRM) योजना के अंतर्गत पंजाब, हरियाणा, दिल्ली और उत्तर प्रदेश में जिन कृषि मशीनों को सब्सिडी पर बढ़ावा दिया जा रहा है, वे अधिकतर COAET द्वारा विकसित की गई हैं।
§ֆ:महाविद्यालय का लक्ष्य है कि वह AI, रोबोटिक्स, IoT और डेटा साइंस जैसे क्षेत्रों में अनुसंधान के माध्यम से और अधिक उत्कृष्टता प्राप्त करे, जिससे वह राष्ट्रीय नेतृत्व बनाए रखते हुए वैश्विक प्रतिस्पर्धा में अग्रणी बना रहे।
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