ֆ:कृषि विज्ञान केंद्र, दिल्ली द्वारा आयोजित एक दिवसीय कृषि जागरूकता कार्यक्रम में क्षेत्र के किसानों को नई वैज्ञानिक तकनीकों और कृषि से जुड़ी योजनाओं की जानकारी दी गई। इस कार्यक्रम में देश के प्रमुख कृषि वैज्ञानिकों ने भाग लिया और अपने विशेषज्ञता क्षेत्रों में महत्वपूर्ण जानकारी साझा की।
§֍:प्रमुख वक्ताओं और उनके विचार:
§ֆ:डॉ. श्रवण सिंह, प्रधान वैज्ञानिक, भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान (IARI) ने दिल्ली क्षेत्र हेतु उपयुक्त सब्जियों की किस्मों, किचन गार्डन, संरक्षित खेती और पोषण सुरक्षा तकनीकों पर जानकारी दी। उन्होंने हाईटेक नर्सरी को युवाओं के लिए लाभकारी उद्यम बताते हुए इसके व्यावसायिक अवसरों पर बल दिया।
डॉ. रामस्वरूप बाना, वरिष्ठ वैज्ञानिक ने जल संरक्षण, वर्षा जल संचयन, ड्रिप सिंचाई, मल्चिंग, तथा बाजरा एवं दलहनी फसलों के उन्नत प्रबंधन की तकनीकों पर प्रकाश डाला। उन्होंने किसानों से जलवायु अनुकूल कृषि पद्धतियों, संरक्षण कृषि, और नवीन वैज्ञानिक तकनीकों को अपनाने का आह्वान किया।
डॉ. हरिता बोलिनेडी ने धान की सीधी बुवाई और इससे संबंधित लाभकारी तकनीकों की जानकारी देकर किसानों को उत्पादन लागत कम करने के उपाय बताए।
डॉ. ललित कुमार, फर्टिलाइजर एसोसिएशन ऑफ इंडिया (FAI) से, ने संतुलित पोषक तत्व प्रबंधन, प्राकृतिक खेती, तथा जैविक खेती के महत्व को विस्तार से समझाया।
डॉ. हिमाद्री शेखर राय, भारतीय सांख्यिकी अनुसंधान संस्थान, ने कृषि में सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी (ICT) के प्रभावी उपयोग पर विचार साझा किए, जिससे किसानों को वैज्ञानिक जानकारी समय पर मिल सके।
§֍:अन्य विषयों पर भी जानकारी:
§ֆ:कार्यक्रम में कृषि विज्ञान केंद्र, दिल्ली के वैज्ञानिकों ने खरीफ फसलों की उन्नत तकनीकें, मृदा स्वास्थ्य कार्ड के अनुसार खाद प्रबंधन, पशुपालन, बागवानी, हरी खाद, रोग प्रबंधन, और दिल्ली सरकार की योजनाएं (जैसे कि प्राकृतिक खेती और प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि) पर भी जागरूकता फैलाई।
§֍:समापन और धन्यवाद ज्ञापन:
§ֆ:कार्यक्रम का समापन डॉ. राकेश कुमार, वैज्ञानिक (बागवानी), द्वारा धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ। उन्होंने किसानों से आग्रह किया कि वे यहां सीखी गई तकनीकों को अपने क्षेत्र के अन्य किसानों तक पहुँचाएँ।
इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में किसानों ने सक्रिय भागीदारी दिखाई, जो इसके प्रभाव और सफलता को दर्शाता है।
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