ֆ:उनके करियर में कई महत्वपूर्ण रेलवे निर्माण परियोजनाओं की देखरेख और वितरण शामिल है। उन्होंने दक्षिण मध्य रेलवे के चुनौतीपूर्ण नक्सली क्षेत्र में सहायक अभियंता / बेल्लमपल्ली के रूप में अपनी सेवा यात्रा शुरू की और बाद में महाप्रबंधक / पूर्व मध्य रेलवे बनने पहले दक्षिण मध्य रेलवे (एससीआर), दक्षिण रेलवे, रेलवे बोर्ड, उत्तर रेलवे, यूएसबीआरएल परियोजना और फिर रेलवे बोर्ड में विभिन्न पदों पर भूमिकाएँ निभाईं हैं।विशेष रूप से, उन्होंने प्रतिष्ठित उधमपुर-नगर-बारामूला रेल लिंक (यूएसबीआरएल) परियोजना के लिए मुख्य प्रशासनिक अधिकारी / निर्माण के रूप में कार्य किया और विश्व के सबसे ऊंचे रेलवे पुल, चिनाब ब्रिज के निर्माण में योगदान दिया है। रेलवे बोर्ड में कार्यकारी निदेशक / ट्रैक मशीन के रूप में, उन्होंने मेक इन इंडिया और भारत को ट्रैक मशीन आयातक से निर्यातक में बदलने के लिए उल्लेखनीय योगदान दिया है।
§ֆ:रेलवे बोर्ड के कार्यकारी निदेशक/ गैर-किराया राजस्व (नॉन-फेयर रेवेन्यू) के रूप में अपने कार्यकाल के दौरान, खंडेलवाल ने एक उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की, जो वर्ष 2016-17 में अब तक का सबसे अधिक गैर-किराया राजस्व 10,368 करोड़. रूपये (कुल राजस्व का 6.2%) है ।उनके असाधारण नेतृत्व कौशल का प्रदर्शन तब और अधिक हुआ जब उन्हें विशेष रूप से गति शक्ति निदेशालय, रेलवे बोर्ड के पहले प्रधान कार्यकारी निदेशक के रूप में नियुक्त किया गया। इस भूमिका में, उन्होंने परियोजनाओं की योजना बनाने, स्वीकृति देने और उनकी निगरानी करने के लिए एक सहयोगी दृष्टिकोण को बढ़ावा देने, विभागीय गतिरोध (सिलोस) को तोड़ने की पहल की। इसका परिणाम परियोजना मंजूरी और वितरण में रिकॉर्ड-तोड़ प्रदर्शन था, जिससे भारतीय रेलवे ने वर्ष 2022-23 में अब तक का सबसे अधिक ट्रैक चालू किया।
§पूर्व मध्य रेलवे के महाप्रबंधक अनिल कुमार खंडेलवाल ने विगत 20 फरवरी 2024 को रेल मंत्रालय में सदस्य अवसंरचना, रेलवे बोर्ड और भारत सरकार के पदेन सचिव का कार्यभार ग्रहण कर लिया है।भारतीय रेलवे इंजीनियर्स सेवा के 1987 बैच के अधिकारी खंडेलवाल के पास एमएनआईटी, जयपुर से सिविल इंजीनियरिंग में स्नातक की डिग्री है और वे आईआईटी, रूड़की से एम.टेक हैं।35 वर्षों से अधिक के अमूल्य पेशेवर अनुभव के साथ, खंडेलवाल ने भारतीय रेलवे के बुनियादी ढांचे के निर्माण और रखरखाव में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

