֍:राजस्थान में EV इंफ्रास्ट्रक्चर को मिल रही मजबूती§ֆ:राजस्थान में ई-व्हीकल चार्जिंग स्टेशन के इंफ्रास्ट्रक्चर को लगातार विकसित किया जा रहा है. इलेक्ट्रिक वाहन विशेषज्ञ योगेश मेहरा का कहना है कि बीते कुछ वर्षों में लोगों में ई-व्हीकल्स को लेकर रुझान तेजी से बढ़ा है. साथ ही चार्जिंग इन्फ्रास्ट्रक्चर भी पहले की तुलना में कहीं अधिक मजबूत हो गया है. मेहरा के अनुसार, इलेक्ट्रिक वाहनों से होने वाला कार्बन उत्सर्जन पेट्रोल-डीजल वाहनों की तुलना में बेहद कम होता है, जिससे यह पर्यावरण के लिए ज्यादा अनुकूल साबित होते हैं.§֍:इंजन ऑयल और धुएं से भी होती है गंभीर हानि§ֆ:पेट्रोल और डीजल वाहनों में इस्तेमाल होने वाला इंजन ऑयल भी वातावरण को प्रभावित करता है. यह ऑयल विषैले तत्वों से युक्त होता है जो पर्यावरण और स्वास्थ्य दोनों के लिए हानिकारक हैं. इसके विपरीत, इलेक्ट्रिक वाहन न सिर्फ धुएं से मुक्त होते हैं, बल्कि इनमें इंजन ऑयल का भी इस्तेमाल नहीं होता, जिससे वातावरण को अतिरिक्त लाभ होता है.§5 जून को विश्व पर्यावरण दिवस के रूप में मनाया जाता है, और इस अवसर पर पर्यावरण को नुकसान पहुंचाने वाले कारणों पर चर्चा होना लाजमी है. बीते कई वर्षों से बढ़ता एयर पॉल्यूशन एक गंभीर चिंता का विषय बन चुका है. मुख्य रूप से सड़कों पर चलने वाले पेट्रोल और डीजल वाहन, साथ ही कारखानों से निकलने वाला धुआं वायुमंडल को लगातार दूषित कर रहे हैं. इन्हीं चुनौतियों के समाधान के रूप में इलेक्ट्रिक व्हीकल्स (ई-व्हीकल्स) को वैकल्पिक साधन के रूप में देखा जा रहा है.

