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कृषि शिक्षा में उत्कृष्टता की ओर
§ֆ:उद्घाटन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में बोलते हुए डॉ. सतबीर सिंह गोसल ने विश्वविद्यालय की प्रतिबद्धता को रेखांकित किया। उन्होंने कहा, “PAU का मिशन शोध, शिक्षा और कृषि से जुड़े क्षेत्रों में उत्कृष्टता हासिल करना है। हम न केवल गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने के लिए प्रतिबद्ध हैं, बल्कि उभरती समस्याओं के व्यावहारिक समाधान हेतु अनुसंधान और तकनीक हस्तांतरण में भी अग्रणी भूमिका निभा रहे हैं।”डॉ. गोसल ने यह भी ज़ोर दिया कि विश्वविद्यालय अन्य संस्थानों और संगठनों के साथ सहभागिता के माध्यम से मानव संसाधन विकास और शोध सहयोग को सशक्त कर रहा है।§֍:अकादमिक और उद्योग के बीच पुल§ֆ:PAU के अनुसंधान निदेशक डॉ. अजमेर सिंह धत्त ने वर्तमान शोध परियोजनाओं की जानकारी साझा की और बताया कि कैसे अकादमिक संस्थान यदि उद्योग से जुड़ें, तो इसका लाभ सीधे किसानों तक पहुंचता है। इसी कड़ी में कॉलेज ऑफ एग्रीकल्चरल इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी के डीन, डॉ. मनजीत सिंह ने कहा, “यह MoA नियमित शैक्षणिक-उद्योग संवाद को प्रोत्साहित करेगा। TAFE पहले से ही हमारे बी.टेक छात्रों को इंटर्नशिप दे रहा है और कैंपस प्लेसमेंट में भाग ले रहा है।” पिछले 10 वर्षों में 203 छात्रों ने TAFE में इंटर्नशिप की और 10 छात्र वहां नियोजित भी हुए।§֍:प्रौद्योगिकी और नवाचार का केंद्र§ֆ:FMPE विभाग के प्रमुख डॉ. महेश कुमार नरंग ने बताया कि विभाग देश में कृषि मशीनरी के डिज़ाइन और विकास में अग्रणी रहा है। उन्होंने कहा, “आज देशभर में जो मशीनें उपयोग हो रही हैं, उनमें से लगभग 45% हमारे विभाग द्वारा विकसित की गई हैं।” यह जानकारी भारत में कृषि मशीनीकरण की दिशा में PAU की अहम भूमिका को रेखांकित करती है।§ֆ:TAFE लिमिटेड के वरिष्ठ उपाध्यक्ष, इंजीनियर गौरव सूद ने कंपनी की अंतरराष्ट्रीय उपस्थिति पर प्रकाश डाला और कहा, “TAFE के ट्रैक्टर और कृषि यंत्र उनकी तकनीकी विश्वसनीयता और उपयुक्त नवाचार के लिए पहचाने जाते हैं। यह MoA हमारे प्रयासों को और मजबूत करेगा।”§֍:छात्र कौशल विकास में नया अवसर§ֆ:संस्थान-संबंध समन्वयक डॉ. विशाल बेक्टोर ने इस अवसर पर कहा, “इंडस्ट्री-इंस्टीट्यूशन सहयोग नवाचार को गति देने और छात्रों को व्यावहारिक कौशल प्रदान करने में अहम भूमिका निभाता है।” यही सोच इस लर्निंग सेंटर की नींव है, जो छात्रों को न केवल सिद्धांत बल्कि वास्तविक उद्योग अनुभव प्रदान करेगा। FMPE के वैज्ञानिक और कार्यक्रम संयोजक डॉ. असीम वर्मा ने केंद्र के प्रस्तावित कार्यकलापों पर प्रकाश डाला और अंत में धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया।§֍:भविष्य की खेती के लिए तैयारी§ֆ:PAU-TAFE लर्निंग सेंटर का उद्घाटन केवल एक अकादमिक आयोजन नहीं, बल्कि एक दूरदर्शी पहल है जो कृषि को नवाचार और कौशल विकास के माध्यम से आत्मनिर्भरता की ओर ले जाएगी। यह साझेदारी किसानों, छात्रों और शोधकर्ताओं—सभी के लिए एक उपयोगी मंच बनकर उभर सकती है। जब विश्वविद्यालय और उद्योग साथ आते हैं, तो परिणाम केवल कक्षा तक सीमित नहीं रहते, वे खेतों तक पहुँचते हैं। इस पहल से यह उम्मीद की जा रही है कि पंजाब कृषि विश्वविद्यालय अन्य संस्थानों के लिए एक आदर्श स्थापित करेगा, जहां शिक्षा, उद्योग और अनुसंधान एक साझा लक्ष्य की दिशा में काम करें भारत की खेती को टिकाऊ, लाभकारी और आधुनिक बनाने की दिशा में।§पंजाब कृषि विश्वविद्यालय (PAU), लुधियाना और ट्रैक्टर्स एंड फार्म इक्विपमेंट (TAFE) लिमिटेड, चेन्नई के बीच सहयोग की एक नई उपलब्धि सामने आई है। विश्वविद्यालय के फार्म मशीनरी एंड पावर इंजीनियरिंग विभाग में “PAU-TAFE लर्निंग सेंटर (एडवांस फार्म मशीनरी)” का उद्घाटन विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. सतबीर सिंह गोसल ने किया। यह केंद्र कृषि शिक्षा और अनुसंधान को उद्योग की ज़मीनी ज़रूरतों से जोड़ने का प्रयास है।

