֍:मौसम विभाग का अलर्ट §ֆ:इस गतिविधि के बारे में यूरोपियन सेंटर फॉर मीडियम टर्न वेदर फोरकास्ट यानी ECMWF ने कहा कि मॉनसून की चाल में जुलाई में तेजी आने की संभावना है. जुलाई के शुरुआती दो हफ्ते में यह तेजी पकड़ सकता है. अक्सर ऐसा देखा जाता है कि शुरू के चार महीने में मॉनसून की बारिश अधिक होती है. जब तमिलनाडु और आंध्र प्रदेश के तटों से आगे बंगाल की खाड़ी में मौसमी गतिविधियां बढ़ती हैं तो बारिश का दौर तेज हो जाता है. मॉनसून की इस गतिविधि को पश्चिमी विक्षोभ से मदद मिलेगी और विक्षोभ से चक्रवाती सर्कुलेशन बनने की संभावना है. ऐसी परिस्थितियां जुलाई में बारिश की गतिविधि को बढ़ाएंगी.
§֍:इन राज्यों में भारी बारिश की संभावना
§ֆ:मौसम विभाग ने कहा, अगले 7 दिनों के दौरान पूर्वोत्तर भारत में अधिकांश स्थानों पर हल्की या मध्यम बारिश जारी रहने की संभावना है. 4 और 5 जून को कुछ स्थानों पर भारी बारिश और 4 जून को मेघालय में कुछ स्थानों पर अत्यधिक भारी बारिश होने की संभावना है. उत्तर-पश्चिम भारत में जम्मू-कश्मीर-लद्दाख गिलगित-बाल्टिस्तान-मुजफ्फराबाद, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब, हरियाणा चंडीगढ़ और दिल्ली में कुछ कई स्थानों पर हल्की या मध्यम बारिश, गरज के साथ तूफान, बिजली और 40-50 किमी प्रति घंटे की गति से तेज हवाएं चलने की संभावना है.
04 जून को उत्तर प्रदेश, राजस्थान में कुछ स्थानों पर हल्की या मध्यम बारिश की संभावना है. 04 जून को हिमाचल प्रदेश में 50-60 किमी प्रति घंटे की गति से 70 किमी प्रति घंटे की गति से तेज हवाएं चलने की संभावना है. 07-09 जून के दौरान पश्चिमी राजस्थान में धूल भरी हवाएं चलने की संभावना है.
§भारत मौसम विज्ञान विभाग यानी IMD ने अपने ताजा पूर्वानुमान में कहा है कि आज, 04 जून, 2025 को पूर्वोत्तर राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है, जबकि मेघालय में अत्यधिक भारी बारिश होगी और उसके बाद इसकी तीव्रता में कमी आएगी. बुधवार को उत्तर-पश्चिम भारत में गरज और तेज हवाओं के साथ बारिश जारी रहने की संभावना है. अभी मॉनसून की उत्तरी सीमा मुंबई, अहिल्या नगर, अदिलाबाद, भवानीपटना, पुरी, सैंडहेड द्वीप और बलूरघाट से होकर गुजर रही है. लगातार पांचवें दिन भी मॉनसून इसी इलाके में है. जुलाई में इसके तेज होने की संभावना है.

