ֆ:खरिगांव, अमांव, सिरबिट, जगरियां, मल्लिकसराय, अवखरा, तिवई, मसोई और रूपिन गांवों में आयोजित इन कार्यक्रमों में कृषि वैज्ञानिक और विभागीय अधिकारी किसानों से सीधे संवाद कर उनकी समस्याओं को सुनते हुए समाधान सुझा रहे थे। कृषि विज्ञान केंद्र कैमूर के विशेषज्ञों ने किसानों को प्राकृतिक खेती, फसल विविधीकरण और संतुलित उर्वरक उपयोग के बारे में भी जागरूक किया।§ֆ:डॉ. अमित कुमार सिंह ने अमांव पोखरा और खरिगांव मंदिर के पास किसानों को नई किस्मों तथा ड्रोन तकनीक से फसलों की बेहतर निगरानी का प्रदर्शन किया। उन्होंने बताया कि धान की सीधी बुवाई से न केवल पानी की बचत होती है बल्कि फसल जल्दी तैयार हो जाती है, जिससे समय की भी बचत होती है। इसके अलावा, मशीनीकरण से खेती के कार्य आसान और तेज़ हो जाते हैं।कार्यक्रम में किसानों ने भी अपने अनुभव और सुझाव साझा किए। §ֆ:§बिहार के भबुआ में विकसित कृषि संकल्प अभियान के तहत प्रखंड के नौ गांवों में सोमवार को विशेष कार्यक्रम आयोजित किए गए, जिनमें किसानों को धान की सीधी बुवाई सहित आधुनिक कृषि तकनीकों की जानकारी दी गई। इस पहल का उद्देश्य किसानों को पानी की बचत और फसल उत्पादन में वृद्धि के उपाय समझाना था।

