֍:मॉनसून में देरी, किसानों की चिंता बढ़ी
§ֆ:इस साल दक्षिण-पश्चिम मॉनसून के महाराष्ट्र में देरी से पहुंचने के कारण किसानों की चिंता बढ़ गई है। राज्य के कई हिस्सों, विशेषकर मराठवाड़ा और विदर्भ में, अभी तक पर्याप्त बारिश नहीं हुई है, जिससे खरीफ फसलों की बुवाई प्रभावित हो रही है। कुछ किसानों ने पानी की कमी के बावजूद बीज बोना शुरू कर दिया है, जिससे फसल के खराब होने का खतरा बढ़ गया है।
§֍:सरकार की सलाह – “धैर्य रखें”
§ֆ:कृषि मंत्री दत्तात्रेय बेहरे ने किसानों से अपील करते हुए कहा, “मौसम विभाग ने अनुमान लगाया है कि जून के दूसरे सप्ताह तक मॉनसून की अच्छी बारिश शुरू हो सकती है। किसान भाई बिना उचित वर्षा के बुवाई न करें, नहीं तो बीज खराब होने का जोखिम है।”
सरकार ने कृषि विस्तार अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे किसानों को सही समय पर बुवाई के लिए जागरूक करें। साथ ही, सूखा-प्रतिरोधी फसलों के बारे में भी जानकारी दी जाएगी।
§֍:मौसम विभाग का पूर्वानुमान
§ֆ:भारतीय मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, महाराष्ट्र में मॉनसून की शुरुआत में 3-4 दिन की देरी हो सकती है, लेकिन जून के मध्य तक स्थिति सामान्य होने की उम्मीद है। विशेषज्ञों का कहना है कि अल-नीनो प्रभाव के कारण इस साल मॉनसून की गति धीमी रह सकती है, लेकिन जुलाई-अगस्त में अच्छी बारिश होने की संभावना है।
§महाराष्ट्र में मॉनसून की देरी से परेशान किसानों को राज्य सरकार ने सलाह दी है कि वे जल्दबाजी न करें और मौसम विभाग के पूर्वानुमानों का ध्यानपूर्वक पालन करें। कृषि विभाग के अधिकारियों ने कहा कि अगले कुछ दिनों में बारिश की बेहतर स्थिति बन सकती है, लेकिन अभी बुवाई के लिए अनुकूल परिस्थितियाँ नहीं हैं।

