ֆ:नासिक, अहिल्यानगर, जलगांव, धुले, छत्रपति संभाजीनगर, पुणे, सोलापुर, बीड और सांगली जैसे प्रमुख प्याज उत्पादक जिलों में किसान अपनी फसल की कटाई तक नहीं कर सके। जो प्याज पहले ही खेतों में काटकर रखा गया था, वह भी बारिश की वजह से नष्ट हो गया।§ֆ:दिघोले ने कहा, “राज्य सरकार को प्रति एकड़ ₹1 लाख की आर्थिक सहायता देनी चाहिए। इसके अलावा, जिन किसानों ने कम दाम पर प्याज बेची है, उन्हें ₹2,000 प्रति क्विंटल का अनुदान मिलना चाहिए, क्योंकि सरकार की गलत नीतियों के कारण थोक बाजार में दाम गिर गए।”गुरुवार को मोगा ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और दोनों उपमुख्यमंत्रियों एकनाथ शिंदे व अजित पवार को पत्र भेजकर किसानों की मांगों को प्रमुखता से उठाया।§ֆ:दिघोले ने यह भी बताया कि केंद्र सरकार पहले ही मूल्य स्थिरीकरण कोष (Price Stability Fund) के तहत 3 लाख टन प्याज की खरीद की घोषणा कर चुकी है। यह खरीद राष्ट्रीय कृषि सहकारी विपणन संघ (NAFED) और राष्ट्रीय उपभोक्ता सहकारी संघ (NCCF) के माध्यम से की जाएगी। “हम चाहते हैं कि ये दोनों केंद्रीय एजेंसियां सीधे किसानों से कृषि उपज मंडियों (APMCs) में ₹3,000 प्रति क्विंटल की दर से प्याज खरीदें,” दिघोले ने कहा।§महाराष्ट्र प्याज उत्पादक संघ (MOGA) ने हालिया भारी बारिश से प्रभावित प्याज किसानों को राहत पहुंचाने की मांग को लेकर राज्य सरकार से तत्काल वित्तीय सहायता देने की अपील की है। संघ के अध्यक्ष भरत दिघोले ने बताया कि लगातार बारिश के कारण हजारों एकड़ में खड़ी प्याज फसल सड़ गई है।

