ֆ:कार्यक्रम में कृषि विशेषज्ञों ने किसानों को मिट्टी जांच कराने और मृदा स्वास्थ्य कार्ड प्राप्त करने की सलाह दी। मिट्टी जांच से प्राप्त रिपोर्ट के आधार पर किसानों को उपयुक्त उर्वरकों के उपयोग का सही मार्गदर्शन मिलेगा, जिससे रासायनिक खादों के अत्यधिक प्रयोग से होने वाले नुकसान कम होंगे और जैविक खाद के लाभों को बढ़ावा मिलेगा।§ֆ:खरीफ फसलों की बेहतर पैदावार के लिए खेत की तैयारी से लेकर फसल कटनी तक की पूरी प्रक्रिया की जानकारी दी गई। बीज उपचार के महत्व को भी विस्तार से समझाया गया और इसके सही तरीके बताए गए। साथ ही, खर-पतवार नियंत्रण के प्रभावी उपाय भी किसानों को बताये गए।§ֆ:विशेषज्ञों ने किसानों को उन्नत बीज के विभिन्न प्रकारों से अवगत कराया, जिससे खरीफ फसलों की गुणवत्ता और उत्पादकता दोनों में सुधार हो सके। इसके अलावा, रोहिणी नक्षत्र की शुरुआत के साथ ही धान की बुआई का कार्य तेज़ी से शुरू हो चुका है। टिकारी प्रखंड में इस वर्ष 1150 हेक्टेयर भूमि पर धान की बुवाई की योजना है, जबकि पूरे प्रखंड में धान की कुल खेती का लक्ष्य 11,500 हेक्टेयर रखा गया है। इसके अलावा, मक्का की खेती को भी बड़े पैमाने पर बढ़ावा दिया जाएगा।§ֆ:कार्यक्रम में बीस सूत्री अध्यक्ष अनिल पासवान, बीएओ सरोज मेहता, प्रशिक्षु प्रखंड कृषि पदाधिकारी मिताली सिंह, अभिषेक कुमार, पूर्व आत्मा अध्यक्ष ब्रजेंद्र सिंह, कृषि समन्वयक शैलेंद्र कुमार, सुषमा कुमारी, अवध किशोर लाल, शिवकुमार शर्मा, संजीत पांडे और संतोष कुमार सहित कई अधिकारी एवं कृषि विशेषज्ञ उपस्थित थे।§ֆ:इस अभियान का उद्देश्य किसानों को वैज्ञानिक कृषि तकनीकों से परिचित कराना और उनकी पैदावार बढ़ाकर आर्थिक स्थिति मजबूत करना है।§
ई-किसान भवन, टिकारी में को प्रखंड स्तरीय शारदीय खरीफ महाअभियान का आयोजन किया गया, जिसमें किसानों को उन्नत कृषि तकनीकों से अवगत कराया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ एसडीएम प्रवीण कुंदन, बीडीओ योगेंद्र पासवान, प्रमुख प्रतिनिधि अशोक कुमार एवं उप प्रमुख गयादत्त शर्मा ने दीप प्रज्वलित कर किया।

