ֆ:मुख्यमंत्री ने कहा कि कृषि अब पहले जितना लाभदायक पेशा नहीं रह गया है, ऐसे में यह योजना किसानों को व्यावसायिक और आवासीय संपत्तियों के रूप में एक स्थायी आमदनी का जरिया देगी। उन्होंने जोर देकर कहा कि योजना पूरी तरह स्वैच्छिक होगी और किसानों की सहमति के बिना कोई भी भूमि अधिग्रहित नहीं की जाएगी।§֍:किसानों को होंगे ये लाभ§ֆ:• किसानों को उनकी भूमि के बदले केवल मुआवजा ही नहीं, बल्कि व्यावसायिक और आवासीय भूखंड भी मिलेंगे।
• भूमि पूलिंग के जरिए विकसित की जाने वाली कॉलोनियों में कानूनी और पारदर्शी तरीके से विकास कार्य होंगे।
• योजना का उद्देश्य अवैध कॉलोनियों पर लगाम लगाना और नियोजित नगरीकरण को बढ़ावा देना है।
§֍:अव्यवस्थित विकास पर पिछली सरकारों को घेरा§ֆ:मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब में सबसे अधिक अवैध कॉलोनियां हैं, जो कि पिछली सरकारों की नाकामी का नतीजा है। इन कॉलोनियों में बुनियादी सुविधाओं की भारी कमी है, जिससे आम नागरिकों को परेशानियों का सामना करना पड़ता है। नई भूमि पूलिंग योजना इसी अव्यवस्था को रोकने के लिए लाई गई है।§֍:किसान संगठनों और विपक्ष पर तीखा हमला§ֆ:मुख्यमंत्री ने कुछ किसान संगठनों और राजनीतिक दलों पर निशाना साधते हुए कहा कि ये लोग झूठे प्रचार और अफवाहों के जरिए किसानों को गुमराह कर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ किसान नेता किसानों के नाम पर अपनी निजी दुकानें चला रहे हैं और अवैध संपत्तियां जमा कर चुके हैं।§ֆ:मान ने किसान संगठनों को खुली बहस की चुनौती देते हुए कहा कि वे केवल छोटे मुद्दों पर सड़कें और रेल मार्ग बंद करते हैं, लेकिन जब बात पानी जैसे बड़े मसलों की होती है, तब वे चुप्पी साध लेते हैं।§ֆ:§पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने राज्य की नई भूमि पूलिंग योजना को किसानों के लिए एक बड़ा अवसर बताते हुए कहा कि यह योजना कृषि से होने वाली आय की अनिश्चितता को खत्म करने में मदद करेगी। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि इस नीति का उद्देश्य किसानों को राज्य के विकास में भागीदार बनाना है, न कि उनकी भूमि का जबरन अधिग्रहण करना।

