֍:प्रशिक्षण का उद्देश्य सावेरा-आजीविका स्वयं सहायता समूह की महिलाओं की मांग पर गर्मी के पोषक पेय और मोटे अनाज आधारित नाश्ते बनाने की विधियों पर जागरूकता और कौशल विकास था।इस सत्र का नेतृत्व डॉ. रितु मित्तल गुप्ता, वरिष्ठ वैज्ञानिक, EECM, AICRP-WIA ने किया। उन्होंने महिलाओं को उद्यमिता कौशल विकसित करने के महत्व के बारे में जागरूक किया।§ֆ:डॉ. अदिति सेवक, यंग प्रोफेशनल-II, AICRP-WIA ने व्यावहारिक सत्र में महिलाओं को स्वस्थ और पौष्टिक व्यंजन बनाने की विधियों की प्रशिक्षण दिया। कार्यक्रम में बताया गया कि समूह की महिलाओं ने पहले सफलतापूर्वक किचन गार्डन स्थापित किए हैं। अब इन बागानों को और बेहतर बनाने के लिए ग्रीष्मकालीन सब्जियों के बीज किट भी वितरित किए गए।इसके अतिरिक्त, ICAR-CIWA (महिला कृषि संस्थान) द्वारा प्रदान किए गए शारीरिक मेहनत को कम करने वाले औजार और उपकरण भी महिलाओं को दिए गए।§ֆ:श्री गुरप्रीत सिंह, मल्टी-टास्किंग असिस्टेंट, AICRP-WIA ने बताया कि ये उपकरण महिलाओं की कृषि और घरेलू कार्यों में मेहनत को कम करने के लिए डिज़ाइन किए गए हैं, जिससे वे कार्यों को अधिक कुशलतापूर्वक कर सकें।इस कार्यक्रम में गांव के सरपंच श्री मलकीत सिंह एवं अन्य पंच सदस्य भी उपस्थित रहे। उन्होंने PAU की ग्रामीण महिलाओं के सशक्तिकरण की दिशा में की जा रही कोशिशों की सराहना की।§ֆ:प्रशिक्षण में भाग लेने वाली महिलाओं ने वैज्ञानिकों का आभार व्यक्त किया और कहा कि इस प्रकार के कार्यक्रमों से उन्हें आत्मनिर्भर बनने में मदद मिल रही है। उन्होंने भविष्य में भी ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रमों में भाग लेने की उत्सुकता जताई।§
पंजाब कृषि विश्वविद्यालय (PAU) के विस्तार शिक्षा और संचार प्रबंधन विभाग ने जंडियाली गांव में एक विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया। यह कार्यक्रम कॉलेज ऑफ कम्युनिटी साइंस की डीन डॉ. किरण बैन्स के मार्गदर्शन में और अखिल भारतीय समन्वित अनुसंधान परियोजना – महिला एवं कृषि (AICRP-WIA) के तहत आयोजित किया गया।

