֍:मामले की पृष्ठभूमि
§ֆ:अंकिता भंडारी, जो वनांत रिजॉर्ट (ऋषिकेश-नरेंद्रनगर रोड) में रिसेप्शनिस्ट के तौर पर काम करती थी, की सितंबर 2022 में हत्या कर दी गई थी। आरोपियों ने उसे बलात्कार का प्रयास करने के बाद नदी में फेंक दिया था। मुख्य आरोपी पुलकित आर्य (रिजॉर्ट मालिक का बेटा), सहयोगी सौरभ भट्ट और अनुज आर्य पर यह जघन्य अपराध करने का आरोप था।
§֍:कोर्ट का फैसला
§ֆ:सत्र न्यायालय ने आज तीनों दोषियों को भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 302 (हत्या), 201 (सबूत मिटाना) और 120B (षड्यंत्र) के तहत उम्रकैद की सजा सुनाई। इसके अलावा, प्रत्येक आरोपी को 50 हजार रुपये का जुर्माना भरने का आदेश दिया गया। यदि जुर्माना नहीं भरा गया, तो उनकी सजा और बढ़ सकती है।
§֍:न्याय की मांग को मिली सुनवाई
§ֆ:अंकिता के परिवार और स्थानीय लोगों ने इस मामले में त्वरित न्याय की मांग की थी। केस में CBI जांच भी हुई, जिसमें आरोपियों के खिलाफ ठोस सबूत पेश किए गए। पीड़िता के पिता ने फैसले को “न्याय की जीत” बताया है।
प्रतिक्रियाएं
अंकिता के पिता, विरेंद्र भंडारी: “हमें न्याय मिला है, लेकिन हमारी बेटी वापस नहीं आएगी। सख्त सजा से दूसरों के लिए सबक मिलेगा।”
सरकारी वकील: “यह फैसला समाज के लिए एक संदेश है कि ऐसे अपराधों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।”
यह मामला उत्तराखंड में महिला सुरक्षा और शक्तिशाली लोगों द्वारा अपराध करने की घटनाओं पर गंभीर सवाल उठाता रहा है। अदालत के इस फैसले से पीड़ित परिवार को कुछ राहत मिली है।
§उत्तराखंड के पौड़ी गढ़वाल जिले में 19 वर्षीय अंकिता भंडारी की हत्या के मामले में कोर्ट ने तीनों दोषियों को उम्रकैद की सजा सुनाई है। साथ ही, प्रत्येक दोषी को 50-50 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है।

