ֆ:इन कट्टों की पैकिंग पर प्रतिष्ठित कंपनियों की सील लगी थी, लेकिन अंदर मिट्टी और मार्बल के चूरे से तैयार नकली माल भरा हुआ था। कर्मचारियों से पूछताछ के दौरान पता चला कि आसपास के कई गांवों में इसी तरह की और भी फैक्ट्रियां संचालित हो रही हैं।मंत्री ने तुरंत पुलिस और कृषि विभाग के अधिकारियों को मौके पर बुलाया, और तब तक स्वयं फैक्ट्री परिसर में मौजूद रहे। पुलिस और प्रशासन की टीमों ने एक-एक कर सभी फैक्ट्रियों में दबिश दी और नकली खाद के हजारों कट्टे जब्त किए, जिन्हें गांवों में किसानों को बेचा जाना था।§ֆ:डॉ. मीणा ने इस कार्रवाई पर कहा, “किसानों के साथ यह सरासर धोखा है। खाद के नाम पर उन्हें मिट्टी और पत्थर का चूरा बेचा जा रहा है। यह न केवल कृषि को नुकसान पहुंचाने वाला अपराध है, बल्कि अन्नदाताओं की मेहनत से भी गद्दारी है।”उन्होंने यह भी आशंका जताई कि ये फैक्ट्रियां कई महीनों से, संभवत: वर्षों से संचालित हो रही थीं, और इसके बावजूद स्थानीय प्रशासन को भनक तक नहीं लगी, यह चिंता का विषय है।§ֆ:मंत्री ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि किसानों के साथ धोखा करने वाले ऐसे अपराधियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि इस नेटवर्क में शामिल हर व्यक्ति के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।§
राजस्थान के कृषि मंत्री डॉ. किरोड़ीलाल मीणा ने किसानों के हित में एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम देते हुए अजमेर जिले के किशनगढ़ क्षेत्र में चल रही नकली खाद तैयार करने वाली कई फैक्ट्रियों का पर्दाफाश किया। छापेमारी के दौरान डीएपी, एसएसपी, पोटाश और जिप्सम जैसे नकली कृषि उत्पादों के हजारों कट्टे जब्त किए गए।मंत्री डॉ. मीणा को सूचना मिली थी कि किशनगढ़ क्षेत्र के ग्रामीण इलाकों में गुप्त रूप से नकली खाद तैयार की जा रही है, जो ब्रांडेड पैकिंग में भरकर किसानों को बेची जा रही है। इस सूचना के आधार पर डॉ. मीणा खुद मौके पर पहुंचे और बिना देरी किए उदयपुर कला गांव स्थित एक खेत में चल रही अवैध फैक्ट्री में छापा मारा। वहाँ तीन से चार बीघा क्षेत्र में फैली फैक्ट्री में बड़ी-बड़ी मशीनों से नकली खाद, पोटाश और अन्य उत्पाद तैयार किए जा रहे थे।

