ֆ:डॉ. एस. शर्मा ने मोटे अनाजों के प्रसंस्करण से जुड़े पोषण मूल्य और स्वास्थ्य लाभ के बारे में विस्तार से बताया।डॉ. गुरवीर कौर ने खेत स्तर पर मोटे अनाजों की प्राथमिक और द्वितीयक प्रोसेसिंग तकनीकों को सरल भाषा में समझाया।डॉ. संध्या ने मिलेट्स की सफाई, छिलका हटाने और पॉलिशिंग के लिए प्रयुक्त मशीनों का प्रदर्शन किया और प्रतिभागियों को हाथों-हाथ प्रशिक्षण दिया।§ֆ:इस प्रशिक्षण की तकनीकी समन्वयक डॉ. प्रीतिंदर कौर ने मोटे अनाजों की पैकेजिंग की नवीन तकनीकों पर कार्यशाला आयोजित की, जिससे उत्पादों की शेल्फ लाइफ और विपणन क्षमता बढ़ाई जा सके।डॉ. जगबीर रेहल ने विभिन्न प्रकार के मोटे अनाजों के आटे से बने मूल्यवर्धित उत्पादों की तैयारी का डेमो दिया। इस दौरान प्रतिभागियों ने विशेष उत्साह दिखाया और व्यावहारिक प्रशिक्षण में गहरी रुचि दिखाई।§ֆ:प्रशिक्षण के अंत में पीएयू द्वारा प्रकाशित संबंधित साहित्य निःशुल्क वितरित किया गया, जिससे प्रतिभागी आगे अपने व्यवसाय और खेती में इसका उपयोग कर सकें।§
पंजाब कृषि विश्वविद्यालय (पीएयू) के प्रोसेसिंग और फूड इंजीनियरिंग विभाग द्वारा किसानों और छोटे उद्यमियों के लिए “मोटे अनाजों की प्रोसेसिंग और मूल्य संवर्धन” विषय पर एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस प्रशिक्षण में लगभग 25 प्रतिभागियों ने भाग लिया और उन्हें सैद्धांतिक जानकारी के साथ-साथ व्यावहारिक प्रशिक्षण भी प्रदान किया गया।कार्यक्रम की शुरुआत में विभागाध्यक्ष डॉ. तरसेम चंद मित्तल ने प्रतिभागियों का स्वागत करते हुए मोटे अनाजों की विभिन्न प्रोसेसिंग तकनीकों की जानकारी दी।

