֍:योजना के मुख्य बिंदु:
§ֆ:सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट्स का विस्तार: दिल्ली और आसपास के इलाकों में अतिरिक्त सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP) लगाए जाएंगे, ताकि गंदा पानी सीधे नदी में न जाए।
औद्योगिक कचरे पर रोक: यमुना में जहरीले केमिकल्स छोड़ने वाले उद्योगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
नदी किनारे जैव-विविधता का विकास: यमुना के किनारों को हरा-भरा बनाने और जलीय जीवन को बचाने के लिए विशेष प्रयास किए जाएंगे।
जन जागरूकता अभियान: लोगों को नदी की सफाई में शामिल करने के लिए सामुदायिक कार्यक्रम चलाए जाएंगे।
§֍:क्या कहते हैं अधिकारी?
§ֆ:केंद्रीय जल शक्ति मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, “यमुना को साफ करने के लिए ‘नमामि गंगे’ जैसी एक समर्पित परियोजना पर काम चल रहा है। हमारा लक्ष्य है कि अगले चार साल में नदी का पानी इतना साफ हो जाए कि उसे पीने योग्य बनाया जा सके।”
§֍:चुनौतियाँ क्या हैं?
§ֆ:दिल्ली और एनसीआर में लगातार बढ़ता प्रदूषण।
अवैध निर्माण और कचरे का नदी में डाला जाना।
भूजल स्तर में गिरावट और नदी के प्रवाह में कमी।
यमुना नदी देश की सबसे प्रदूषित नदियों में से एक है, लेकिन सरकार का यह नया लक्ष्य अगर सफल होता है, तो यह पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक बड़ी उपलब्धि होगी।
§केंद्र सरकार ने यमुना नदी के पानी को अगले चार सालों में पीने लायक बनाने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य रखा है। इसके तहत अगले लोकसभा चुनाव (2024 के बाद) से पहले नदी को साफ करने के लिए विशेष योजनाएं शुरू की जाएंगी।

