֍:खरपतवारों से मिलेगी लंबी राहत§ֆ:IIL के प्रबंध निदेशक राजेश कुमार अग्रवाल ने कहा कि देश के धान किसान लंबे समय से हाथ से निराई, उपज में गिरावट, देर से खरपतवार नियंत्रण और बार-बार हर्बीसाइड छिड़काव जैसी समस्याओं से जूझ रहे हैं। “अल्टेयर इन सभी समस्याओं का प्रभावी समाधान देता है। यह धान में पाए जाने वाले प्रमुख और जिद्दी खरपतवारों जैसे ईकिनोक्लोआ क्रस-गैली, अमानिया और साइपेरस प्रजातियों के अंकुरण को रोकता है,” उन्होंने कहा।§֍:पहले दिन से सक्रिय सुरक्षा§ֆ:कंपनी के अनुसार, पारंपरिक हर्बीसाइड की तुलना में अल्टेयर मिट्टी में एक सुरक्षात्मक परत बनाता है जो प्रयोग के पहले दिन से ही खरपतवारों के उगने से रोकता है। इसे रोपाई के 0–3 दिनों के भीतर छिड़कने की सलाह दी गई है। इस शुरुआती हस्तक्षेप से खरपतवारों का उगना लगभग 40–50 दिनों तक रुक जाता है, जिससे फसल के प्रारंभिक और सबसे नाजुक चरणों में लंबी अवधि की सुरक्षा मिलती है।§֍:10,000 से ज्यादा किसानों के बीच हुआ परीक्षण§ֆ:IIL के चीफ मार्केटिंग ऑफिसर दुष्यंत सूद ने बताया कि पिछले एक वर्ष में देशभर में 500 से अधिक बड़े प्लॉट्स में इस हर्बीसाइड का प्रदर्शन किया गया, जिसमें 10,000 से अधिक किसानों ने हिस्सा लिया। “किसानों ने पाया कि यह उनके मौजूदा हर्बीसाइड की तुलना में कहीं अधिक प्रभावी और टिकाऊ है,” सूद ने कहा।§भारत की अग्रणी एग्रोकेमिकल कंपनी इन्सेक्टीसाइड्स इंडिया लिमिटेड (IIL) ने धान की फसल के लिए एक नया और पेटेंटेड प्री-इमर्जेंट खरपतवारनाशक ‘अल्टेयर’ (Altair) लॉन्च किया। यह उत्पाद जापानी कंपनी निसान केमिकल कॉर्पोरेशन द्वारा विकसित किया गया है और भारत में इसे विशेष रूप से IIL द्वारा विपणन किया जाएगा।

