ֆ:इस दौरे के दौरान श्री सिंह ने NIDHI-TBI टीम के साथ गहन बातचीत की और कृषि क्षेत्र में AI आधारित नवाचारों की संभावनाओं पर अपने विचार साझा किए। उन्होंने कृषि में दो प्रमुख क्षेत्रों में AI के उपयोग पर विशेष रुचि दिखाई:§ֆ:1. फसल उत्पादन पूर्वानुमान (Crop Yield Prediction): ऐतिहासिक कृषि आंकड़ों को पर्यावरणीय और जलवायु से जुड़े मापदंडों के साथ जोड़कर ऐसे पूर्वानुमान मॉडल तैयार करना, जो किसानों को बेहतर योजना बनाने और उत्पादकता बढ़ाने में मदद करें।
2. बीमारियों और कीट संक्रमण की समयपूर्व पहचान: इमेज-आधारित डेटा और डीप लर्निंग तकनीकों की सहायता से पौधों में शुरुआती लक्षणों की पहचान कर समय पर उपचार सुनिश्चित करना, जिससे फसल हानि को कम किया जा सके।
§ֆ:इसके अतिरिक्त, सिंह ने अन्य AI-आधारित कृषि नवाचारों को भी अपनाने की इच्छा जताई, जिनसे कृषि व्यवसाय में सतत विकास, संसाधन कुशलता और रणनीतिक निर्णय-निर्धारण को बल मिल सके।फिलहाल एक निजी कंपनी में कार्यरत श्री साहिबनूर का दृष्टिकोण NIDHI-TBI की नवाचार और उद्यमिता को बढ़ावा देने वाली सोच से पूरी तरह मेल खाता है।§ֆ:डॉ. रमंदीप सिंह, निदेशक, स्कूल ऑफ बिजनेस स्टडीज एवं NIDHI-TBI के प्रमुख अन्वेषक, ने श्री सिंह के विजन और ऊर्जा की सराहना की और उन्हें TBI इकोसिस्टम से जुड़ने के लिए आमंत्रित किया।श्री गुरिंदर सिंह, मुख्य कार्यकारी अधिकारी, NIDHI-TBI ने अपनी टीम के साथ मिलकर श्री साहिबनूर सिंह को आधिकारिक रूप से इनक्यूबेशन कार्यक्रम में शामिल कर लिया है। यह कार्यक्रम कृषि क्षेत्र में उन्नत AI टूल्स के एकीकरण के ज़रिए नवाचार, नेटवर्किंग और उद्यमशीलता को नई दिशा देने का लक्ष्य रखता है।§पंजाब कृषि विश्वविद्यालय (PAU) के स्कूल ऑफ बिजनेस स्टडीज (SBS) और निधि-टेक्नोलॉजी बिजनेस इनक्यूबेटर (NIDHI-TBI) ने हाल ही में लुधियाना के उभरते उद्यमी साहिबनूर सिंह का स्वागत किया। साहिबनूर सिंह PAU के पूर्व छात्र हैं और उन्होंने यहाँ से कंप्यूटर एप्लीकेशंस में मास्टर डिग्री प्राप्त करने के बाद क्वीन्स मैरी यूनिवर्सिटी, लंदन से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) में एम.एससी. किया है।

