ֆ:निधि-टीबीआई के प्रमुख अन्वेषक एवं एसबीएस के निदेशक डॉ. रमणदीप सिंह ने इन युवा नवप्रवर्तकों का स्वागत किया और एक संवादात्मक सत्र के दौरान उन्हें महत्वपूर्ण मार्गदर्शन प्रदान किया। उन्होंने कहा, “केवल तकनीक ही काफी नहीं होती, जब तक कि उसके लाभों को किसानों और अन्य हितधारकों तक स्पष्ट रूप से नहीं पहुंचाया जाए।” उन्होंने बाजार खंडीकरण (मार्केट सेगमेंटेशन) और ग्राहक-उन्मुख दृष्टिकोण को प्राथमिकता देने पर जोर दिया।
§ֆ:सत्र के दौरान प्रिसीजन फार्मिंग, फसल स्वास्थ्य निगरानी, पूर्वानुमान विश्लेषण और सप्लाई चेन ऑप्टिमाइजेशन जैसे विषयों पर गहन मंथन हुआ। सभी प्रतिभागियों ने इस बात पर सहमति जताई कि कृषि तकनीक में नवाचार के साथ-साथ किसानों से जुड़ाव और समाधान की निरंतरता अत्यंत आवश्यक है।इस अवसर पर निधि-टीबीआई के सदस्य डॉ. राकेश राठौर ने भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराई और तकनीकी सलाह के साथ इन युवाओं के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने उन्हें अपने जुनून के प्रति प्रतिबद्ध रहने के लिए प्रेरित किया।§ֆ:टीम निधि-टीबीआई की ओर से सीईओ गुरिंदर गिल, बीएम समीर गौतम और टीए आकाशदीप सिंह ने उद्यमियों को पूर्ण समर्थन देने का आश्वासन दिया। उन्होंने उन्हें मेंटरशिप, नेटवर्किंग और मार्गदर्शन के माध्यम से उनके विचारों को व्यापक स्तर पर पहुंचाने में सहयोग देने की बात कही।§पंजाब एग्रीकल्चरल यूनिवर्सिटी (पीएयू) के स्कूल ऑफ बिजनेस स्टडीज़ (एसबीएस) और निधि-टेक्नोलॉजी बिजनेस इनक्यूबेटर (टीबीआई), विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग (भारत सरकार) द्वारा संचालित पहल, ने चार उभरते हुए एग्री-टेक उद्यमियों का स्वागत किया।नवदीप मंगट, जतिंदर सिंह और भगवंत सिंह ने दविंदर सिंह मुष्काबाद के नेतृत्व में पीएयू का दौरा किया। इस अवसर का उद्देश्य था—कृषि क्षेत्र में नवीनतम तकनीकों के सहयोग और नवाचार को बढ़ावा देना।

