֍:सफेद गेंदे की खेती का सही समय
§ֆ:सफेद गेंदे की खेती के लिए सितंबर से नवंबर का समय सबसे उपयुक्त माना जाता है। यह फूल ठंडे मौसम में अच्छी तरह विकसित होता है। गर्मी के मौसम में इसकी खेती करने से पौधों को नुकसान हो सकता है।
§֍:बुवाई का तरीका
§ֆ:मिट्टी की तैयारी: सफेद गेंदे की खेती के लिए उचित जल निकासी वाली दोमट मिट्टी सबसे अच्छी होती है। खेत की अच्छी तरह जुताई करके इसे भुरभुरा बना लें।
बीज की मात्रा: प्रति हेक्टेयर लगभग 1.5 से 2 किलोग्राम बीज पर्याप्त होते हैं।
बुवाई: बीजों को नर्सरी में लगाकर 25-30 दिनों बाद पौधों को मुख्य खेत में रोपा जा सकता है। पंक्तियों के बीच 45-60 सेमी और पौधों के बीच 30 सेमी की दूरी रखें।
सिंचाई: पहली सिंचाई रोपाई के तुरंत बाद करें और उसके बाद सप्ताह में एक बार पानी दें।
खाद एवं उर्वरक: गोबर की खाद के साथ NPK (नाइट्रोजन, फॉस्फोरस, पोटाश) का उपयोग करें।
§֍:कटाई और उपज
§ֆ:सफेद गेंदे के फूल रोपाई के 60-75 दिन बाद तोड़ने लायक हो जाते हैं।
एक हेक्टेयर में लगभग 15-20 टन फूल प्राप्त हो सकते हैं।
§֍:कमाई और बाजार
§ֆ:सफेद गेंदे के फूलों की बाजार में कीमत ₹80 से ₹150 प्रति किलोग्राम तक हो सकती है।
एक हेक्टेयर से किसान ₹2 लाख से ₹3 लाख तक की कमाई कर सकते हैं।
इसकी मांग फूल मंडियों, होटल्स, इवेंट मैनेजमेंट कंपनियों और निर्यात बाजार में बनी रहती है।
§֍:निष्कर्ष
§ֆ:सफेद गेंदे की खेती कम लागत और अच्छी कमाई वाला व्यवसाय है। सही समय पर बुवाई, उचित देखभाल और बाजार तक पहुंच बनाकर किसान इससे अच्छा मुनाफा कमा सकते हैं।
§सफेद गेंदे (White Marigold) की खेती किसानों के लिए एक लाभदायक विकल्प बनती जा रही है। यह फूल न सिर्फ धार्मिक और सजावटी उपयोग में लोकप्रिय है, बल्कि इसकी मांग विवाह समारोहों, गुलदस्तों और फूलों की मालाओं में भी बढ़ रही है। आइए जानते हैं कि सफेद गेंदे की खेती कैसे करें, इसका सही समय, बुवाई का तरीका और संभावित कमाई के बारे में।

