֍:राज्य के खजाने पर पहला अधिकार आपदा पीड़ितों का: CM§ֆ:मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि राज्य के खजाने पर पहला अधिकार आपदा पीड़ितों का है. राज्य सरकार बाढ़ और सूखे की स्थिति में प्रभावित लोगों को हरसंभव सहायता प्रदान करती है. इसे ध्यान में रखते हुए सभी संबंधित विभागों और अधिकारियों को सतर्क रहने की आवश्यकता है. उन्होंने यह भी कहा कि बदलते मौसम को देखते हुए हर पहलू पर नजर रखना आवश्यक है और सभी को पूरी तरह सतर्क रहना चाहिए. मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि जून के पहले सप्ताह तक अधिकारी अपने क्षेत्रों की स्थिति और समस्याओं का समुचित आकलन कर उसके समाधान के लिए काम करें.§֍:1 जून से सहायता केंद्र होंगे सक्रिय§ֆ:जल संसाधन विभाग के प्रधान सचिव ने बताया कि 1 जून से बाढ़ नियंत्रण कोषांग के तहत सहायता केंद्र शुरू किए जाएंगे, जो 24 घंटे कार्यरत रहेंगे. इसके लिए निम्नलिखित टोल-फ्री और दूरभाष नंबर जारी किए गए हैं: टोल-फ्री नंबर: 1800-345-6145,दूरभाष नंबर: 0612-2206669, 0612-2215850, मोबाइल नंबर: 7463889706, 7463889707 नंबर जारी किया गया है. इसके अतिरिक्त, बाढ़ चेतावनी प्रणाली के तहत गणितीय प्रतिमान केंद्र द्वारा गंगा नदी (बक्सर से कहलगांव तक के 7 स्थलों) सहित 42 नदी स्थलों पर बाढ़ का 72 घंटे पहले पूर्वानुमान जारी किया जाएगा.§मॉनसून सीजन में बिहार की बड़ी आबादी एक ओर सूखे से परेशान रहती है, तो दूसरी ओर बाढ़ की विभीषिका के कारण लोग अपने घरों को छोड़ने को मजबूर हो जाते हैं. हर साल राज्य सरकार इन दोनों आपदाओं से निपटने के लिए प्रयासरत रहती है और इस दिशा में विभिन्न योजनाएं तैयार की जाती हैं. इसी कड़ी में इस साल बाढ़ और सूखे से पहले की तैयारियों को लेकर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने हाल ही में संबंधित अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की. इस बैठक में मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि मई महीने के अंत तक सभी तैयारियां पूरी कर ली जाएं. साथ ही, जिलाधिकारियों और विभागीय अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में जाकर स्थिति का आकलन करने और लोगों से बातचीत कर समस्याओं का समाधान सुनिश्चित करने को कहा गया.

