֍:पूरे राज्य में चलेगा विशेष जागरूकता अभियान§ֆ:राज्य के सभी विकासखंडों में यह अभियान संचालित होगा, जिसके लिए कृषि, बागवानी, पशुपालन और मत्स्यपालन विभागों की संयुक्त टीमें गठित की गई हैं। ये टीमें प्रतिदिन दो से तीन ग्राम पंचायतों में पहुंचकर किसानों के साथ संवाद करेंगी।§֍:वैज्ञानिकों और विशेषज्ञों के साथ किसान करेंगे सीधा संवाद§ֆ:कार्यक्रमों में आईसीएआर, कृषि विज्ञान केंद्रों के वैज्ञानिक, कृषि विभाग के अधिकारी, जनप्रतिनिधि एवं प्रगतिशील किसान शामिल होंगे। किसानों को धान की सीधी बुवाई, ड्रोन तकनीक, प्राकृतिक खेती, बीजों की नई किस्में और उर्वरक के संतुलित उपयोग जैसे विषयों पर जानकारी दी जाएगी।§֍:खेती के नवाचारों की पहचान से होगा अनुसंधान को लाभ§ֆ:अभियान के दौरान किसानों से प्रत्यक्ष संवाद कर उनकी समस्याओं को समझा जाएगा और उनके द्वारा अपनाई गई नवीन तकनीकों की जानकारी एकत्र की जाएगी। यह जानकारी अनुसंधान, तकनीकी विकास और सरकारी योजनाओं के भविष्य निर्धारण में सहायक होगी।§֍:ICAR-NIBSM करेगा अभियान की निगरानी§ֆ:अभियान की प्रगति और प्रभावशीलता की निगरानी आईसीएआर-एनआईबीएसएम, रायपुर द्वारा की जाएगी। साथ ही कृषि विज्ञान केंद्र एवं राज्य के कृषि विभाग इस पूरे अभियान में समन्वयक की भूमिका निभाएंगे।§֍:वैज्ञानिक खेती को बढ़ावा देने की दिशा में बड़ा कदम§ֆ:राज्य सरकार का उद्देश्य है कि यह अभियान केवल जानकारी देने तक सीमित न रहे, बल्कि किसानों को वैज्ञानिक दृष्टिकोण से खेती करने के लिए प्रेरित करे। इससे न केवल उत्पादन में वृद्धि होगी, बल्कि खेती को अधिक लाभकारी और टिकाऊ बनाया जा सकेगा।’विकसित कृषि संकल्प अभियान’ छत्तीसगढ़ की कृषि व्यवस्था को सशक्त करने और किसानों की समृद्धि सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण राष्ट्रीय पहल के रूप में सामने आ रहा है।§֍:§भारत सरकार के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय के निर्देशानुसार ‘विकसित कृषि संकल्प अभियान 2025’ का आयोजन 29 मई से 12 जून तक पूरे छत्तीसगढ़ में किया जाएगा। यह राष्ट्रीय अभियान खरीफ सीजन 2025 की पूर्व तैयारी को मजबूती देगा, किसानों को आधुनिक कृषि तकनीकों से जोड़ने और खेतों में हो रहे नवाचारों की पहचान कर उन्हें अनुसंधान से जोड़ने के उद्देश्य से शुरू किया गया है।

