֍:PAU: पंजाब की कृषि प्रगति का स्तंभ§ֆ:कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मंत्री गुरमीत सिंह खुड़ियन ने पंजाब कृषि विश्वविद्यालय को राज्य की कृषि प्रगति की रीढ़ बताते हुए कहा कि यह संस्थान शिक्षा, अनुसंधान, प्रौद्योगिकी हस्तांतरण और विस्तार सेवाओं का केंद्र है। उन्होंने कहा कि “PAU जैसी संस्थाओं की मदद से हम किसानों को गरिमापूर्ण आजीविका और छोटे किसानों को सशक्त करने वाले टिकाऊ और व्यावसायिक कृषि समाधानों की दिशा में बढ़ सकते हैं।”
मंत्री ने खाद्य प्रसंस्करण, डेयरी और पैकेजिंग जैसे सहायक क्षेत्रों को बढ़ावा देने की बात की, जिससे किसानों की आय में वृद्धि हो सके। उन्होंने कहा कि “PAU के एग्रो-प्रोसेसिंग कॉम्प्लेक्स जैसे केंद्रों के माध्यम से हम कृषि उत्पादों को मूल्यवर्धित कर निर्यात योग्य बना सकते हैं।”§֍:मनीष सिसोदिया और के. ए. पी. सिन्हा की तकनीकी विस्तार पर जोर§ֆ:पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने प्रयोगशाला से खेत तक तकनीकी पहुंच सुनिश्चित करने में विश्वविद्यालय की भूमिका की सराहना की और कहा कि PAU का नवाचार मॉडल अन्य राज्यों के लिए भी प्रेरणा है।
मुख्य सचिव के ए पी सिन्हा ने कहा कि “आज के समय में कृषि में तकनीक का उपयोग कोई विकल्प नहीं बल्कि आवश्यकता है।” उन्होंने डेटा एनालिटिक्स, सटीक खेती और आपूर्ति श्रृंखला प्रबंधन जैसे डिजिटल उपकरणों को ग्रामीण युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसरों का स्रोत बताया। उन्होंने तकनीक को ग्रामीण कृषि में “सशक्तिकरण का साधन और समानता का उपकरण” बताया।
§֍:अनुसंधान से आमदनी तक की यात्रा§ֆ:PAU के कुलपति डॉ. सतबीर सिंह गोसल ने प्रदर्शनी को “विज्ञान, रणनीति और सामाजिक प्रतिबद्धता का संगम” बताया। उन्होंने विश्वविद्यालय द्वारा विकसित एग्रो-प्रोसेसिंग कॉम्प्लेक्स, पल्स मिल, राइस ग्रेडर, वैक्यूम पैकिंग यूनिट्स और गुड़ प्रसंस्करण इकाई जैसी परियोजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि ये मॉडल किसानों को उनके उत्पादों को स्वयं संसाधित कर बाजार तक पहुंचाने में सक्षम बनाते हैं।
उन्होंने कहा, “यह सिर्फ एक प्रदर्शन नहीं, बल्कि इस बात की घोषणा है कि हम अनुसंधान को ग्रामीण उद्यम में और नवाचार को आमदनी में बदलने के लिए प्रतिबद्ध हैं।”
§֍:रूरल पंजाब में नवाचार और रोज़गार की नई आशा§ֆ:कार्यक्रम का समापन इस संकल्प के साथ हुआ कि PAU द्वारा विकसित नवाचार मॉडल को राज्यभर में दोहराया जाएगा, जिससे ग्रामीण पंजाब को नवाचार, रोजगार और सतत कृषि का केंद्र बनाया जा सके।
यह पहल पंजाब की कृषि को नई दिशा देने और ग्रामीण क्षेत्रों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में मील का पत्थर साबित हो सकती है।
§पंजाब कृषि विश्वविद्यालय (PAU), लुधियाना ने “कृषि प्रौद्योगिकी का ग्रामीण क्षेत्र में रोजगार सृजन हेतु उपयोग” विषय पर एक प्रौद्योगिकी प्रदर्शनी का आयोजन किया, जिसने कृषि अनुसंधान को ग्रामीण उद्यमिता से जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में नई उम्मीदें जगाईं। इस अवसर पर पंजाब के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री गुरमीत सिंह खुड़ियन, दिल्ली के पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया, पंजाब के मुख्य सचिव के ए पी सिन्हा (IAS), PAU के कुलपति डॉ. सतबीर सिंह गोसल सहित अनेक गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे।

