֍:तीनों शीर्ष विज्ञान अकादमियों से सम्मान पाने वाली पहली वैज्ञानिक§ֆ:इस सम्मान के साथ डॉ. संधू अब भारत की तीन प्रमुख विज्ञान अकादमियों—INSA, नेशनल एकेडमी ऑफ एग्रीकल्चरल साइंसेज़ (NAAS) और नेशनल एकेडमी ऑफ साइंसेज़, इंडिया (NASI)—से यंग साइंटिस्ट अवार्ड या फेलोशिप प्राप्त करने वाली PAU की पहली वैज्ञानिक बन गई हैं। वर्ष 2025 के लिए उन्हें NAAS एसोसिएट और INSA यंग एसोसिएट फेलो दोनों के रूप में चुना गया है।
§֍:अंतरराष्ट्रीय स्तर पर शिक्षा, रिसर्च में उत्कृष्टता का उदाहरण§ֆ:डॉ. संधू ने 2014 में चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय, हिसार से पीएच.डी. पूरी की, जो कि इंटरनेशनल राइस रिसर्च इंस्टीट्यूट (IRRI), फिलीपींस और CIRAD, फ्रांस के सहयोग से थी। उनकी रिसर्च को मॉन्सेंटो बीचल-बोरलॉग इंटरनेशनल स्कॉलरशिप प्रोग्राम का समर्थन प्राप्त हुआ था।§֍:2018 में PAU से जुड़ीं, राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय पुरस्कारों की लंबी सूची§ֆ:डॉ. संधू ने IRRI में चार साल तक पोस्टडॉक्टोरल रिसर्च की और 2018 में PAU के स्कूल ऑफ एग्रीकल्चरल बायोटेक्नोलॉजी में मॉलिक्यूलर जेनेटिसिस्ट के तौर पर कार्यभार संभाला। उन्होंने NASI यंग साइंटिस्ट प्लेटिनम जुबली अवार्ड, SERB वूमन एक्सीलेंस अवार्ड, DBT बायोकेयर वूमन साइंटिस्ट अवार्ड, और UNLEASH लैब इंटरनेशनल इनोवेशन अवार्ड जैसे कई प्रतिष्ठित पुरस्कार प्राप्त किए हैं।§֍:राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय रिसर्च प्रोजेक्ट्स में अग्रणी भूमिका§ֆ:डॉ. संधू ने DBT और SERB की ओर से पांच रिसर्च प्रोजेक्ट्स और UKRI, यूनाइटेड किंगडम द्वारा वित्तपोषित एक अंतरराष्ट्रीय परियोजना भी हासिल की है, जो उनके रिसर्च कौशल और नेतृत्व क्षमता को दर्शाती है।§֍:PAU परिवार ने दी बधाई§ֆ:उनकी इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर PAU में हर्ष का माहौल है। कुलपति डॉ. सतबीर सिंह गोसल, अनुसंधान निदेशक डॉ. अजय सिंह धत्त, स्कूल ऑफ एग्रीकल्चरल बायोटेक्नोलॉजी के निदेशक डॉ. योगेश विकल और जी.एस. खुश इंस्टिट्यूट के निदेशक डॉ. परवीन चुनेजा ने उन्हें बधाई दी और इसे विश्वविद्यालय के लिए गर्व का क्षण बताया।§
पंजाब एग्रीकल्चरल यूनिवर्सिटी (PAU) की युवा और प्रतिभाशाली वैज्ञानिक डॉ. नितिका संधू ने इतिहास रच दिया है। वे विश्वविद्यालय की पहली वैज्ञानिक बन गई हैं जिन्हें भारतीय राष्ट्रीय विज्ञान अकादमी (INSA) की प्रतिष्ठित यंग एसोसिएट फेलोशिप से नवाजा गया है।

