֍:राज्य स्तर पर चल रहा अभियान§ֆ:राज्य सरकार ने इस बार खरीफ सीजन के लिए 1.5 लाख मीट्रिक टन से अधिक प्रमाणित बीजों के वितरण का लक्ष्य तय किया है, जिसमें धान, मक्का, बाजरा, मूंगफली और तिलहन फसलें शामिल हैं। इनमें सबसे अधिक ज़ोर धान की खेती को बढ़ावा देने पर है। राज्य के 75 ज़िलों में बीज गोदाम सक्रिय किए गए हैं, जहां से किसानों को सीधे बीज वितरित किए जा रहे हैं।
राज्य स्तर पर कृषि विभाग ने ई-उपकरण वितरण, मोबाइल एसएमएस अलर्ट सिस्टम और डिजिटल सब्सिडी पोर्टल के जरिए यह सुनिश्चित किया है कि किसान को पारदर्शी और समय पर लाभ मिल सके।
§֍:प्रमुख बीज वितरण केंद्रों की व्यवस्था§ֆ:राज्य के सभी जिला कृषि अधिकारी और ब्लॉक स्तरीय तकनीकी सहायक इस अभियान की निगरानी कर रहे हैं। बीज वितरण केंद्रों पर किसानों की सहायता के लिए हेल्प डेस्क और बीज चयन में मार्गदर्शन देने वाले कृषि विशेषज्ञ भी तैनात किए गए हैं।
नौ प्रमुख केंद्रों से 1,571 क्विंटल धान के नर्सरी बीजों का वितरण किया जाएगा, जिसमें अब तक 384 क्विंटल बीज जिला केंद्रों तक पहुंच चुके हैं। शेष बीज की आपूर्ति राज्य बीज निगम के माध्यम से अगले कुछ दिनों में पूरी कर ली जाएगी।
§֍:कृषि मंत्री ने क्या कहा §ֆ:प्रदेश के कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने कहा, “हमारी सरकार किसानों की आय दोगुनी करने के लक्ष्य को लेकर प्रतिबद्ध है। यह बीज सब्सिडी योजना केवल आर्थिक सहायता नहीं, बल्कि आत्मनिर्भर किसान की दिशा में एक बड़ा कदम है। राज्य में कोई भी पात्र किसान इस लाभ से वंचित नहीं रहेगा।”§उत्तर प्रदेश सरकार ने खरीफ सीजन की तैयारी कर रहे किसानों को बड़ी सौगात दी है। राज्य भर में धान की नर्सरी लगाने वाले किसानों को अब बीज पर 50 प्रतिशत की सब्सिडी दी जाएगी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर कृषि विभाग ने बीज वितरण की व्यवस्था को ज़िला और राज्य स्तर पर तेजी से शुरू कर दिया है।

