֍:विस्तृत अवलोकन और विकासात्मक निर्देश§ֆ:कलेक्टर संधू ने केंद्र पर संचालित नर्सरी, प्राकृतिक खेती इकाई, वर्मी कंपोस्ट यूनिट और मुर्गीपालन प्रक्षेत्र का निरीक्षण किया। उन्होंने किसानों को इन गतिविधियों से लाभान्वित करने की रणनीतियों पर सुझाव दिए। साथ ही, अनुसूचित जनजाति पूंजी उपयोजना के अंतर्गत स्थापित मिनी ऑयल मिल का उद्घाटन किया। उन्होंने कहा कि तेलीय फसलों के मूल्य संवर्धन के माध्यम से किसानों की आय में वृद्धि की संभावनाएं व्यापक हैं।
§֍:कृषि विज्ञान केंद्र को लेकर निर्देश§ֆ:कलेक्टर ने केंद्र पर मौजूद किसान घर, प्रशिक्षण हॉल और चारदीवारी की मरम्मत के निर्देश दिए ताकि कृषकों को प्रशिक्षण और तकनीकी सहायता बेहतर तरीके से मिल सके। उन्होंने केंद्र की ओर से संचालित परियोजनाओं की सराहना की, जिनमें शामिल हैं:
• राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा मिशन (दलहन एवं तिलहन)
• प्राकृतिक खेती मिशन
• राष्ट्रीय जलवायु समुत्थान कृषि में नवाचार (NICRA)
• कृषि ड्रोन योजना
• विकसित कृषि संकल्प अभियान
§֍:आय बढ़ाने पर जोर §ֆ:जिला कलेक्टर ने केंद्र परिसर में पारंपरिक और आधुनिक उत्पादों के विपणन के लिए आउटलेट खोलने का सुझाव दिया, जिनमें शामिल होंगे:
• उन्नत किस्म के फलदार पौधे
• सब्जियों की पौध
• देशी एवं उन्नत बीज
• दूध एवं घी के उत्पाद
§֍:प्राकृतिक खेती को मिलेगा बढ़ावा§ֆ:प्राकृतिक खेती के प्रगतिशील किसान देवेंद्र त्रिपाठी से चर्चा कर कलेक्टर ने उनके अनुभवों को सराहा और अन्य किसानों को भी प्राकृतिक खेती अपनाने हेतु प्रेरित करने की आवश्यकता बताई। उन्होंने केंद्र की खरीफ प्रदर्शनियों और प्रतापधन मुर्गीपालन इकाई के विस्तार पर भी जोर दिया।
§֍:हरा चारा उत्पादन और पशुपालन§ֆ:जिले में वर्षभर हरा चारा उपलब्ध कराने के लिए नेपियर घास और वर्मी कंपोस्ट के उत्पादन को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इससे पशु स्वास्थ्य में सुधार होगा और दुग्ध उत्पादन में वृद्धि होगी।
§֍:कृषक उत्पादक संगठन को प्रोत्साहन§ֆ:कलेक्टर ने मीव किसान बाजार कृषक उत्पादक संगठन द्वारा उत्पादित वस्तुओं की जानकारी ली और संगठन के निदेशक महावीर शर्मा को उनके प्रयासों के लिए प्रोत्साहित किया।§֍:उपस्थित अधिकारी एवं कृषकों को मिला लाभ§ֆ:अवलोकन के दौरान संयुक्त निदेशक कृषि विस्तार विनोद कुमार जैन, उपनिदेशक उद्यान डॉ. शंकर सिंह राठौड़, वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. सी. एम. यादव, तकनीकी सहायक अनिता यादव, फार्म मैनेजर महेन्द्र सिंह चुण्डािवत, लेखाधिकारी अजीत सिंह राठौड़, एवं अनुसंधान अध्येता संजय बिश्नोई उपस्थित थे।
कार्यक्रम के अंत में उपस्थित 40 किसानों और कृषक महिलाओं को 50 किलोग्राम पशु आहार के बैग निःशुल्क वितरित किए गए, जिससे पशुधन पोषण में सुधार और दुग्ध उत्पादन में वृद्धि सुनिश्चित हो सकेगी।भीलवाड़ा कृषि विज्ञान केंद्र को राष्ट्रीय स्तर पर सर्वोच्च सम्मान प्राप्त होना न केवल जिले के लिए गौरव की बात है, बल्कि यह दर्शाता है कि कृषि नवाचार, प्राकृतिक खेती और तकनीकी विस्तार के क्षेत्र में यह केंद्र एक रोल मॉडल के रूप में उभरा है। जिला प्रशासन के सहयोग और किसानों की सक्रिय भागीदारी से यह केंद्र भविष्य में भी किसानों के लिए लाभकारी सिद्ध होगा।
§राजस्थान के भीलवाडा जिला कलेक्टर जसमीत सिंह संधू ने गांधीनगर स्थित कृषि विज्ञान केंद्र, भीलवाड़ा का दौरा किया और विभिन्न इकाइयों का निरीक्षण कर केंद्र को और अधिक सशक्त और किसानोन्मुख बनाने हेतु आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए। इस अवसर पर उन्होंने केंद्र को देश का सर्वश्रेष्ठ केवीके अवार्ड मिलने पर पूरी टीम को बधाई दी और किसानों के हित में केंद्र की भूमिका को सराहा।

