ֆ:§֍:गांव-गांव चल रहा है अभियान§ֆ:यह अभियान जिले के विभिन्न गांवों में सक्रिय रूप से चलाया जा रहा है, जहां किसानों को खेत की मिट्टी के नमूने इकट्ठा कर नजदीकी कृषि केंद्र में जमा करवाने के लिए प्रेरित किया जा रहा है।§֍:मिलेगी मिट्टी की सेहत की रिपोर्ट§ֆ:निःशुल्क परीक्षण के बाद किसानों को एक विस्तृत रिपोर्ट दी जाएगी, जिसमें मिट्टी में मौजूद पोषक तत्त्वों की मात्रा और आवश्यक उर्वरकों की सिफारिशें शामिल होंगी।§֍:सही उर्वरक का उपयोग बढ़ाएगा पैदावार§ֆ:मृदापरीक्षण अधिकारी मीनाक्षी के अनुसार, बिना परीक्षण के अंधाधुंध उर्वरक प्रयोग से मिट्टी की उर्वरता घटती है। परीक्षण से किसान सटीक जानकारी पाकर उपयुक्त मात्रा में खाद का उपयोग कर सकते हैं, जिससे उत्पादन में बढ़ोतरी होती है।§֍:लागत में होगी बचत, मिट्टी रहेगी उपजाऊ§ֆ:सही उर्वरकों के इस्तेमाल से न केवल फसल की गुणवत्ता में सुधार होता है, बल्कि अनावश्यक खर्च से बचत भी होती है और मिट्टी की उर्वरता लंबे समय तक बनी रहती है।§֍:प्रगतिशील किसानों की भी सराहना§ֆ:कई प्रगतिशील किसानों ने बताया कि परीक्षण के बाद उचित उर्वरकों के उपयोग से उनकी फसल की गुणवत्ता और उपज में सुधार हुआ है। उन्होंने अन्य किसानों से भी इस अभियान से जुड़ने की अपील की है।कृषि विभाग ने सभी किसानों से आग्रह किया है कि वे इस सुविधा का लाभ लें और अपनी खेती को अधिक उत्पादक और लाभकारी बनाएं।§हिमाचल प्रदेश के सोलन जिले में कृषि विभाग ने किसानों की आय बढ़ाने और खेती को वैज्ञानिक रूप देने के लिए मुफ्त मिट्टी परीक्षण अभियान की शुरुआत की है।इस अभियान से किसानों को लाभ मिलेगा।

