Maratha Reservation Bill for reservation in Education and Jobs passed by Maharashtra Assembly. pic.twitter.com/JcaFAwpZHl
— ANI (@ANI) February 20, 2024
§ֆ:इससे पहले मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे ने मराठा आरक्षण बिल को सर्वसम्मति और पूर्ण बहुमत से पारित करने की अपील की. हालांकि, विपक्षी नेताओं के साथ-साथ सत्ता पक्ष से एकमात्र सदस्य, एनसीपी नेता और मंत्री छगन भुजबल बिल पर आपत्ति जताने के लिए खड़े हुए. वहीं, विपक्षी नेता विजय वडेट्टीवार ने बिल पर सहमति जताई है.§ֆ:बिल के ड्राफ्ट के मुताबिक, सरकार ने मराठा समुदाय को 10 फीसदी हिस्सेदारी दी है. विधेयक के मसौदे के अनुसार, आयोग ने 16 फरवरी 2024 को अपनी रिपोर्ट राज्य सरकार को सौंप दी थी.§ֆ:
Maratha Reservation bill tabled in Maharashtra Legislative Council by CM Eknath Shinde pic.twitter.com/uc9mwrEvx7
— ANI (@ANI) February 20, 2024
§֍:जानें क्या है इस बिल का फायदा §ֆ:1. मराठा समुदाय में माध्यमिक शिक्षा और स्नातक, स्नातकोत्तर, व्यावसायिक शिक्षा पूरी करने की संख्या निम्न स्तर पर है.
2. आर्थिक पिछड़ापन शिक्षा में सबसे बड़ी बाधा है.
3. अपर्याप्त शिक्षा अक्सर गरीबी और अपर्याप्त शिक्षा का कारण बनती है.
4. गरीबी रेखा से नीचे और पीले राशन कार्ड वाले मराठा परिवार 21.22 प्रतिशत हैं.
5. गरीबी रेखा से नीचे खुली श्रेणी के परिवार 18.09 प्रतिशत हैं.
6. मराठा परिवार का प्रतिशत राज्य के औसत (17.4%) से अधिक है जो दर्शाता है कि यह आर्थिक रूप से पिछड़ा है.
§ֆ:
Maratha reservation bill unanimously passed minutes after tabling in special Assembly session
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§ֆ:7. सार्वजनिक रोजगार (सरकारी) के सभी क्षेत्रों में मराठा समुदाय का अपर्याप्त प्रतिनिधित्व है.
8. इसलिए ये सेवाओं में पर्याप्त आरक्षण प्रदान करने के लिए विशेष सुरक्षा के हकदार हैं.
9. कमजोर मराठा समुदाय के आर्थिक आंकड़ों से पता चलता है कि मराठा समुदाय की आर्थिक स्थिति गैर-खुली श्रेणी की तुलना में भी कम है.
10. किसानों की आत्महत्या के आंकड़े बताते हैं कि आत्महत्या करने वालों में 94 फीसदी मराठा समुदाय से हैं.
11. कमजोर मराठा समुदाय की आय का वित्तीय स्रोत कम हो रहा है और मराठा समुदाय को मथाडी श्रमिकों, कुलियों, सिपाहियों, सफाई कर्मचारियों, सहायकों, घरेलू श्रमिकों, कैबमैन, ड्राइवरों आदि द्वारा प्रदान किए जाने वाले काम पर निर्भर रहना होगा.
रिपोर्ट में कहा गया कि कृषि से कम रिटर्न, जोत का विखंडन, कृषि से जुड़ी प्रतिष्ठा की हानि आदि कारकों के कारण मराठा समुदाय की आर्थिक स्थिति खराब हो गई.
12. आयोग द्वारा देश के विभिन्न हिस्सों में प्रचलित आरक्षण के मामलों की जांच की जाए तो कई राज्यों द्वारा आरक्षण की सीमा कुछ राज्यों द्वारा बढ़ा दी गई है.
बिहार ने रिक्ति और सेवा आरक्षण संशोधन विधेयक पारित कर दिया है, जबकि तमिलनाडु में 69 प्रतिशत आरक्षण है.
13. आयोग ने 50 फीसदी से ज्यादा आरक्षण देने वाले राज्यों के आंकड़ों की जांच की है. कुछ असाधारण परिस्थितियां होने पर 50 प्रतिशत की सीमा बढ़ाई जा सकती है.
14. भारत के संविधान के अनुच्छेद 14 के तहत 50 प्रतिशत से अधिक का ऐसा आरक्षण प्रदान किया जा सकता है.
15. आयोग का मानना है कि वंचित मराठा समुदाय एक ऐसा वंचित वर्ग है जिसे मौजूदा पिछड़े वर्गों से अलग वर्गीकृत करने की आवश्यकता है.
16. आयोग ने पाया है कि मराठा समुदाय कुल जनसंख्या का 28 प्रतिशत है.
17. लगभग 52 प्रतिशत आरक्षण वाली कई जातियाँ, समूह पहले से ही आरक्षित श्रेणी में हैं. राज्य में 28 फीसदी आबादी वाले मराठा समुदाय को अन्य पिछड़ा वर्ग की श्रेणी में रखना अनुचित होगा.
§महाराष्ट्र विधानसभा में मंगलवार को मराठा आरक्षण पर मुहर लग गई है. विधानसभा से यह बिल सर्वसम्मति से पारित हो गया है. इस बिल में 10 फीसदी मराठा आरक्षण की सिफारिश की गई है. इससे मराठा समुदाय को शिक्षा और नौकरियों में रिजर्वेशन का लाभ मिलेगा. यह बिल अब विधान परिषद में रखा जाएगा. मराठा आरक्षण को लेकर आज विधानमंडल का विशेष सत्र आयोजित किया गया है.

