֍:जानें कब दस्तक देगा मॉनसून §ֆ:इससे पहले, भारत मौसम विज्ञान विभाग यानी IMD ने मॉनसून की जानकारी देते हुए बताया था कि 13 मई तक अंडमान सागर, दक्षिण बंगाल की खाड़ी और अंडमान और निकोबार द्वीप समूह के कुछ हिस्सों में दक्षिण-पश्चिम मॉनसून के आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियां अनुकूल हैं. इसके अलावा अगले 4-5 दिनों के दौरान दक्षिण अरब सागर, मालदीव और कोमोरिन क्षेत्र के कुछ हिस्सों, दक्षिण बंगाल की खाड़ी के कुछ और हिस्सों, पूरे अंडमान और निकोबार द्वीप समूह और अंडमान सागर और मध्य बंगाल की खाड़ी के कुछ हिस्सों में मॉनसून के आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियां अनुकूल हैं.
§֍:केरल जल्द आएगा मॉनसून§ֆ:इस साल दक्षिण-पश्चिम मॉनसून के केरल तट पर जल्द आने की संभावना जताई जा रही है. साथ ही, गुजरात में भी समय से पहले आने की उम्मीद है. भारतीय मौसम विज्ञान विभाग ने अनुमान जताया है कि दक्षिण गुजरात में इसका आगमन सामान्य तिथि 15 जून से पहले 10 से 12 जून के बीच होगा. गुजरात में यह शुरुआती आगमन 15 अप्रैल को आईएमडी की ओर से जारी पूर्वानुमानों के मुताबिक है, जिसमें गुजरात सहित भारत के अधिकांश हिस्सों में सामान्य से अधिक बारिश का अनुमान लगाया गया था.§֍:गुजरात समेत इन राज्यों में होगी बारिश §ֆ:देश में औसत बारिश का 105 फीसद होने की उम्मीद है, जिससे मजबूत कृषि मौसम की उम्मीद बढ़ गई है, लेकिन भारी बारिश के लिए तैयार रहने का भी संकेत मिला है. भारी बारिश की स्थिति में बाढ़ जैसी आपदा का खतरा रहता है, जिसे लेकर प्रशासन को पहले से तैयारियां करनी होती हैं. सभी प्रमुख मौसम एजेंसियों ने संकेत दिया है कि इस साल मॉनसून न केवल समय से पहले आएगा, बल्कि तेज और अधिक बारिश भी लाएगा. गुजरात सहित कुछ राज्यों के कुछ क्षेत्रों में तूफानी और मूसलाधार बारिश की भी संभावना है.§भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने कहा कि दक्षिण-पश्चिम मॉनसून मंगलवार को बंगाल की खाड़ी के दक्षिणी भागों, अंडमान सागर के दक्षिणी भाग, निकोबार द्वीप समूह और उत्तरी अंडमान सागर के कुछ क्षेत्रों में आगे बढ़ा. मौसम विभाग ने कहा कि पिछले दो दिनों में निकोबार द्वीप समूह में मध्यम से भारी बारिश हुई. इस अवधि में बंगाल की खाड़ी के दक्षिणी भाग, निकोबार द्वीप समूह और अंडमान सागर में पश्चिमी हवाओं की ताकत और गहराई में वृद्धि हुई, हवा की गति समुद्र तल से 1.5 किमी ऊपर 20 समुद्री मील से अधिक थी और कुछ क्षेत्रों में 4.5 किमी तक बढ़ गई.

