֍:मक्का और धान पर विशेष फोकस§ֆ:उत्पादन बढ़ाने की दिशा में सरकार ने मक्के की पैदावार में सुधार और धान की खेती का क्षेत्रफल बढ़ाने पर विशेष जोर देने का निर्णय लिया है। किसानों को उन्नत किस्म के बीज, समय पर खाद और सिंचाई की उचित व्यवस्था सुनिश्चित कराने के निर्देश मंडलायुक्तों और जिलाधिकारियों को दे दिए गए हैं।§֍:फसलों की बुवाई और देखरेख में आएगा बदलाव§ֆ:खरीफ अभियान 2024 के अंतर्गत बुवाई, देखरेख और सिंचाई की प्रक्रिया में रणनीतिक परिवर्तन किया गया है। सरकार ने कृषि अधिकारियों की निगरानी में किसानों को तकनीकी प्रशिक्षण देने की योजना भी बनाई है, जिससे वे उन्नत कृषि तकनीकों का लाभ उठा सकें।
§֍:खेत तालाब योजना: जल संकट से निपटने का समाधान§ֆ:जल संरक्षण और सिंचाई के लिए वैकल्पिक संसाधन उपलब्ध कराने के उद्देश्य से ‘खेत तालाब योजना’ को राज्यभर में तेजी से लागू किया जा रहा है। राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के अंतर्गत वर्ष 2025-26 तक 8499 लघु खेत तालाबों का निर्माण किया जाएगा।ये तालाब न सिर्फ वर्षा जल को संग्रहित करने में सहायक होंगे, बल्कि सिंचाई, मछली पालन और पशुधन के लिए पानी का स्रोत भी बनेंगे। यह योजना विशेष रूप से उन क्षेत्रों के लिए फायदेमंद होगी, जहां वर्षा कम या अनियमित होती है।
§֍:किसानों को जोड़ने के लिए ऑनलाइन पंजीकरण
§ֆ:खेत तालाब योजना से अधिकतम किसानों को जोड़ने के लिए ऑनलाइन पंजीकरण की व्यवस्था की गई है। इससे पारदर्शिता भी बनी रहेगी और योजना का लाभ सही समय पर सही किसानों तक पहुंचेगा।
§उत्तर प्रदेश सरकार ने खरीफ 2024 के लिए किसानों की आमदनी बढ़ाने और उत्पादन में इजाफा करने की दिशा में बड़ी योजना तैयार की है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अगुवाई में सरकार ने खरीफ फसलों की पैदावार में 12 प्रतिशत की वृद्धि का लक्ष्य तय किया है। इसके तहत खाद्यान्न और तिलहनी फसलों का कुल उत्पादन 260 लाख मीट्रिक टन से बढ़ाकर 293 लाख मीट्रिक टन करने की तैयारी है।

