ֆ:कंपनी के हेड एग्रोनामिस्ट प्रमोद कुमार पाण्डेय ने बताया कि महावीर जिरोन पावर प्लस खादान फसलों के साथ ही तिलहनें, तिलहनी, रबी एवं खरीफ तथा सब्जियों वाली फसलों के लिये भी परमर्शदायक खाद है। महावीर जिरोन पावर प्लस हर प्रकार की फसल हेतु उपयोगी है। इसमें 16 प्रतिशत फास्फेट, 11 प्रतिशत सल्फर, 19 प्रतिशत कैल्शियम, 0.5 प्रतिशत जिंक, 0.20 प्रतिशत बोरान एवं 0.5 प्रतिशत मैग्नीशियम जैसे तत्व उपस्थित हैं जो आवश्यकतानुसार फसल को दिए जाने पर फसलों का उत्पादन बढ़ता है एवं गुणवत्तापूर्ण मिलता है।
महावीर जिरोन पावर प्लस के प्रयोग से फसलों की पैदावार में बढ़ोतरी के साथ ही मिट्टी की उर्वरा शक्ति बढ़ती है एवं फसलों की गुणवत्ता में सुधार होता है। यह दलहनी, तिलहनी, गेहूं, बाजरा, मक्का, ज्वार, गन्ना, मसूर, मूंग, सरसों, सोयाबीन, टमाटर, आलू, प्याज, फूलगोभी, पत्तागोभी, बैंगन, भिण्डी, लौकी, करेला, तोरई, खीरा, मिर्च, तरबूज, खरबूजा, नींबू, संतरा, केला, पपीता आदि सभी प्रकार की फसलों के लिये लाभदायक है।
महावीर जिरोन पावर प्लस में मौजूद मात्रा में पौधों के सम्पूर्ण विकास के लिये आवश्यक कैल्शियम (Ca) एवं सल्फर (S) की पूर्ति होती है। डीएपी देने से केवल नत्रजन एवं फास्फोरस की पूर्ति होती है जबकि महावीर जिरोन पावर प्लस देने से सभी पोषक तत्वों की आपूर्ति होती है। यह महावीर जिरोन पावर प्लस किसानों के कम खर्च पर मिलता है।
मिट्टी की सेहत सुधारने के साथ ही गुणवत्तायुक्त फसल उत्पादन देने में यह खाद सक्षम है। जिन किसानों ने अपने खेतों में महावीर जिरोन पावर प्लस प्रयोग किया वे सभी संतुष्ट हैं। महावीर जिरोन पावर प्लस युवाओं एवं किसानों के लिए आमदनी बढ़ाने का उपयुक्त स्रोत है। महावीर जिरोन पावर प्लस खाद उत्पाद प्रयोगशाला से प्रमाणित एवं वैज्ञानिक अनुशंसा युक्त है। आईसीएआर एवं कृषि विश्वविद्यालयों ने महावीर जिरोन पावर प्लस को सभी फसलों के लिये सर्वोत्तम एवं प्रमाणित खाद बताया है।
महावीर जिरोन पावर प्लस में उपलब्ध पोषक तत्व:
| तत्व | मात्रा न्यूनतम (प्रतिशत) |
|————-|————————–|
| फास्फेट | 16 प्रतिशत |
| सल्फर | 11 प्रतिशत |
| कैल्शियम | 19 प्रतिशत |
| जिंक | 0.5 प्रतिशत |
| बोरॉन | 0.20 प्रतिशत |
| मैग्नीशियम | 0.5 प्रतिशत |
– कैल्शियम का महत्व: कैल्शियम जड़ों के विकास एवं पौधे के अंगों की रचना के लिए जरूरी है। कोषिकाओं का अभिनन तत्व होने से पौधों में मजबूती प्रदान करता है।
– सल्फर का महत्व: सल्फर तनों की मोटाई की वृद्धि के लिए महत्वपूर्ण है। यह फसलों में जीवाणुओं द्वारा वातावरण से ज्यादा नाइट्रोजन स्थिर करने में सहायक होता है।
– जिंक का महत्व: जिंक नवीन अंगों के निर्माण, पोटैशियम एवं फास्फोरस के क्रियात्मक कार्यों को नियंत्रित करके फूलों एवं फलों की गिरावट से रोकता है।
– बोरॉन का महत्व: बोरॉन फूल एवं फल बनने की प्रक्रिया को तेज करता है।
– कैल्शियम का महत्व: समृद्ध मिट्टी की उर्वर शक्ति बढ़ाता है साथ ही यह पौधों में कीटनाशक एवं टॉनिक की तरह कार्य करता है।
– मैग्नीशियम का महत्व: मैग्नीशियम पौधों को हरा-भरा एवं स्वस्थ रखने का काम करता है।
§उर्वरक उद्योग की अग्रणी कंपनी आर.एम. फास्फेट्स एण्ड केमिकल्स प्राइवेट लिमिटेड का प्रमुख उत्पाद महावीर जिरोन पावर प्लस सभी फसलों के लिये उपयोगी खाद है। महावीर जिरोन पावर प्लस सिंगल इन वन खाद होने से संतुलित एवं आवश्यक पोषक तत्व आधारित खाद है।

