ֆ:§֍:समय से दो दिन पहले दस्तक देगा मॉनसून §ֆ:आम तौर पर, चार महीने लंबा मॉनसून बंगाल की खाड़ी के सुदूर दक्षिण और दक्षिण-पूर्वी भागों में आगे बढ़ता है, जो अगले पखवाड़े में श्रीलंका और भारत के दक्षिण-पश्चिमी तट (केरल) पर पहुंचने से पहले इसका पहला पड़ाव होता है. हालांकि, खाड़ी में जल्दी पहुंचने का मतलब यह नहीं है कि यह केरल में भी जल्दी ही पहुंच जाएगा.§֍:पश्चिमी जाएगा तभी मॉनसून आएगा§ֆ:एक विदेशी मौसम पूर्वानुमान एजेंसी ने संदेह जताया है कि पश्चिमी विक्षोभ मई के दूसरे सप्ताह में उत्तर-पश्चिम भारत में सक्रिय रहेगा और बाद में देश के उत्तर में वापस चला जाएगा, जबकि देश का दक्षिणी हिस्सा (शुरुआत में बंगाल की खाड़ी के कुछ हिस्से) दक्षिण-पश्चिम मॉनसून को रिसीव करने की तैयारी कर रहा है. देश की मुख्य जमीन भारत पर मॉनसून के व्यवस्थित रूप से आगे बढ़ने के लिए पश्चिमी विक्षोभ का खत्म होना जरूरी है.§मॉनसून को लेकर बड़ी खबर है. इस बार दक्षिण पश्चिम मॉनसून समय से पहले आ रहा है. अभी यह दक्षिण अंडमान सागर में आगे बढ़ गया है. साथ ही दक्षिण पूर्व बंगाल की खाड़ी और निकोबार द्वीप समूह में भी आगे बढ़ा है. इसी के साथ दक्षिण पश्चिम मॉनसून के 13 मई, 2025 के आसपास दक्षिण अंडमान सागर, दक्षिण-पूर्वी बंगाल की खाड़ी के कुछ हिस्सों और निकोबार द्वीप समूह में आगे बढ़ने की बहुत संभावना है. देश के जमीनी इलाकों में मॉनसून के लिए यह पहला पूर्वानुमान है. इस साल अंडमान निकोबार में मॉनसून के जल्दी पहुंचने की संभावना है. इसके सामान्य से 2 दिन पहले 13 मई को पहुंचने की संभावना है.

