֍:क्या है इस स्कीम का मकसद §ֆ:राजस्थान सरकार की तरफ इस योजना को शुरू करने का मकसद किसानों को कम लागत में जैविक खाद उपलब्ध कराना, उनकी आय में वृद्धि करना और नैचुरल फार्मिंग को बढ़ावा देना है. वर्मी कंपोस्ट एक तरह की जैविक खाद है जिसे केंचुओं और गोबर की मदद से तैयार किया जाता है. इस खाद का प्रयोग मिट्टी की उर्वरता बढ़ाने और पर्यावरण में संतुलन बनाए रखने में मददगार है. राजस्थान में सरकार की तरफ से किसानों को वर्मी कंपोस्ट यूनिट लगाने के लिए सब्सिडी और तकनीकी मदद मुहैया कराई जाती है. §֍:बैंक में आती है रकम §ֆ:वर्मी कंपोस्ट यूनिट स्कीम के तहत किसानों को 50 हजार रुपये तक की सब्सिडी मिलती है. जैविक खाद के लिए यूनिट तैयार करने के लिए किसानों को आर्थिक मदद मिलती है. इस योजना के तहत वर्मी कंपोस्ट यूनिट तैयार होने पर एक कमेटी की तरफ से उसकी जांच की जाती है. वैरीफिकेशन पूरा होने के बाद सब्सिडी की रकम सीधे किसान के बैंक खाते में ट्रांसफर कर दी जाती है. वर्मी कंपोस्ट में केंचुए की भूमिका महत्वपूर्ण है और ऐसे में उनका होना अनिवार्य है. §֍:कैसे करें अप्लाई §ֆ:• सबसे पहले https://rajkisan.rajasthan.gov.in/ पर क्लिक करें.
• अब रजिस्ट पर क्लिक करें और इसके बाद सिटीजन का ऑप्शन चुनें.
• फिर जन आधार या गूगल आईडी से लॉगिन करें.
• आखिरी में ओटीपी वेरिफिकेशन करके SSO ID बनाएं और रजिस्ट्रेशन पूरा करें.
• पोर्टल पर लॉगिन करें और RAJ-KISAN का ऑप्शन चुनें.
• यहां एप्लीकेशन एंट्री रिक्वेस्ट पर क्लिक करें.
• जनाधार या भामाशाह आईडी डालें और स्कीम को सेलेक्ट करें.
• आधार वैरीफिकेशन करें, जरूरी इनफॉर्मेशन फीड करें और डॉक्यूमेंट्स अपलोड करके सबमिट कर दें.
§दिन पर दिन देश में ऑर्गेनिक खेती का महत्व बढ़ता जा रहा है. इस वजह से अब किसानों और आम लोगों में ऑर्गेनिक खाद को लेकर जागरूकता भी बढ़ी है. किसानों की निर्भरता रासायनिक उर्वरकों पर खत्म करने के लिए कई तरह की पहल अलग-अलग राज्यों में चलाई जा रही हैं. राजस्थान सरकार की तरफ से वर्मीकंपोस्ट पर किसानों को दी जाने वाली सब्सिडी इसी पहल का हिस्सा है. राजस्थान में वर्मीकंपोस्ट यूनिट स्कीम के तहत किसानों को सब्सिडी दी जाती है. जानिए क्या है यह योजना और कैसे किसानों को मिलता है इसका फायदा.

