֍:भारत में सोयाबीन क्षेत्र के विकास की चिंता§ֆ:ब्राजील के सोयाबीन उत्पादन संयंत्र का अवलोकन करते हुए केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भारत में सोयाबीन के क्षेत्र के विकास की चिंता करते हुए कहा कि भारत में सोयाबीन का उत्पादन कैसे बढ़ सके और केवल उत्पादन ही नहीं, बल्कि प्रोसेसिंग के क्षेत्र में भी हम ब्राजील के साथ मिलकर काम कर सकते हैं. अभी ब्राजील से भारत सोया तेल आयात करता है, लेकिन इस पर भी हमने चर्चा की है कि इन्वेस्ट भी करे और सोया प्रोसेसिंग के प्लांट भी लगाए जा सकते हैं और सोया का तेल हो तो उसका निर्यात भारत से भी हो सकता है. न केवल सोया के क्षेत्र में, बल्कि मैकेनाइजेशन के क्षेत्र में भी यहाँ तो लगभग 100% मैकेनाइजेशन हुआ है.
§֍:आईसीएआर के साथ विकास संभव§ֆ:शिवराज सिंह ने बताया कि मैंने प्रेजेंटेशन देखा है. अगर कपास को चुनना भी है तो सीधे हार्वेस्टर से निकालते हैं. जो रिसर्च और शोध यहां चल रहे हैं, वो भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आईसीएआर) के साथ मिलकर करें कि हम और अच्छे बीज कैसे हम बना सकें. उन्होंने बताया कि अनेकों विषयों पर चर्चा हुई है. भारत के साथ व्यापार बढ़ाने की भी, और मिलकर तय किया है कि इन सारी संभावनाओं का दोहन करेंगे.
§केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण और ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ब्रिक्स देशों के कृषि मंत्रियों की 15वीं बैठक के लिए इन दिनों ब्राजील प्रवास पर हैं. इस दौरान उन्होंने ब्राजील में सोयाबीन उत्पादन प्लांट और टमाटर के खेतों सहित कुछ अन्य संस्थानों का दौरा किया. शिवराज सिंह ने ब्राजील में, खेती में अपनाई जा रही मैकेनाइजेशन और इरिगेशन की अत्याधुनिक पद्धतियों का अवलोकन करने के साथ ही हमारे किसान भाइयों-बहनों के दृष्टिकोण से समझा कि भारतीय किसानों को नई पद्धतियों से और किस तरह लाभ पहुंचाया जा सकता है.

