֍:कृषि सखियों को मिलेगी 5 हजार रुपये सैलरी§ֆ:अपर निदेशक प्रसार आरके सिंह ने बताया कि कृषि सखी स्वंय सहायता समूह की सदस्य होंगी. उनका चयन जिला स्तर पर गठित निगरानी समिति करेगी. वहीं कुछ जिलों में चयन प्रक्रिया शुरू भी हो गई है. उन्होंने बताया कि अभी तक प्राकृतिक खेती सिर्फ बुंदेलखंड में हो रही थी, लेकिन इस वर्ष से इसका दायरा बढ़ा दिया गया है. अब यह खेती पूरे प्रदेश में होगी. इसके लिए कुल 1886 क्लस्टर बनाए गए हैं. ये क्लस्टर खासतौर से नदियों के किनारे बसे गांवों के हैं. प्राकृतिक खेती के लिए हर किसान को प्रति वर्ष 4,000 रुपये अनुदान दिया जाएगा. इसमें करीब 2.35 लाख किसान लाभान्वित होंगे. जबकि कृषि सखियों को 5,000 रुपये वेतन दिया जाएगा.§֍:हर ब्लॉक में बनाया जाएगा क्लस्टर§ֆ:ADA प्रसार आरके सिंह बताते हैं कि इस योजना में किसी जिले के 2 तो किसी में 4 ब्लॉक का चयन किया गया है. हर क्लस्टर में 50 हेक्टेयर जमीन रहेगी. इसमें कम से कम 125 किसान शामिल किए जाएंगे. हर क्लस्टर में 2 कृषि सखी नियुक्त की जाएंगी. प्रशिक्षण के लिए हर कृषि विज्ञान केंद्र से 2 वैज्ञानिक और एक तकनीशियन को भी शामिल किया जाएगा. ये कृषि सखियों और किसानों को प्रशिक्षण देंगे. इसके अलावा हर जिले में 2 बायो इनपुट रिसोर्स सेंटर (BRC) की स्थापना की जाएगी. हर बीआरसी की स्थापना पर 1 लाख रुपये खर्च किया जाएगा. §यूपी सरकार ने सभी जिलों में प्राकृतिक खेती करने का फैसला लिया है. प्राकृतिक खेती करने वाले किसानों को प्रति वर्ष 4,000 रुपये का अनुदान भी दिया जाएगा. खास बात ये है कि किसानों को इसका तरीका सिखाने के लिए कृषि सखी नियुक्त की जाएंगी. इसके लिए इन्हें भी हर महीने 5,000 रुपये मिलेंगे. यह जानकारी उप्र कृषि विभाग के अपर निदेशक प्रसार आरके की ओर से सांझा की गई है.

